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माँ सब ठीक कर देगी - डा जियाउर रहमान जाफ़री
माँ सब ठीक कर देगी - डा जियाउर रहमान जाफ़री

उठते ही घर ठीक करेगी माँ फिर बिस्तर ठीक करेगी चावल हमें खिला देने को कंकड़ पत्थर ठीक करेगी गिन के सिक्के चार दफ़ा में फिर ख़ुद छप्पर ...

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ख़ुद अपने साथ सफ़र में रहे तो अच्छा है - अमीर क़ज़लबाश
ख़ुद अपने साथ सफ़र में रहे तो अच्छा है - अमीर क़ज़लबाश

ख़ुद अपने साथ सफ़र में रहे तो अच्छा है, वो बे-ख़बर है ख़बर में रहे तो अच्छा है ।। क़दम क़दम यूँही रखना दिलों में अंदेशा, चराग़ राहगुज़र...

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ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा - दुष्यंत कुमार
ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा - दुष्यंत कुमार

ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा मैं सजदे में नहीं था आप को धोखा हुआ होगा यहाँ तक आते आते सूख जाती है कई नदियाँ मुझे मालूम है...

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दोस्तो नजरे फसादात नही होने की - मुजफ्फर हनफ़ी
दोस्तो नजरे फसादात नही होने की - मुजफ्फर हनफ़ी

दोस्तो नजरे फसादात नही होने की जान दे कर भी मुझे मात नहीं होने की उन से बिछडे तो लगा ज...

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एक करतब दूसरे करतब से भारी देखकर - अतुल कन्नौजवी
एक करतब दूसरे करतब से भारी देखकर - अतुल कन्नौजवी

एक करतब दूसरे करतब से भारी देखकर मुल्क भी हैरान है ऐसा मदारी देखकर, जिनके चेहरे साफ दिखते हैं मगर दामन नहीं शक उन्हें भी है तेरी ईमान...

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ऐ शरीफ़ इंसानों -साहिर लुधियानवी
ऐ शरीफ़ इंसानों -साहिर लुधियानवी

जंगी जूनून के खिलाफ जनता के कवि साहिर लुधियानवी की प्रसिद्ध कविता "ऐ शरीफ इंसानों" आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी जनवरी १९६६ मे...

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