0
नसीबों पर नहीं चलते, नज़ीरों पर नहीं चलते - कमलेश भट्ट कमल
नसीबों पर नहीं चलते, नज़ीरों पर नहीं चलते - कमलेश भट्ट कमल

नसीबों पर नहीं चलते, नज़ीरों पर नहीं चलते जो सचमुच में बड़े हैं वो, लकीरों पर नहीं चलते। नियम, कानून जितने हैं, गरीबों के लिए ही हैं नि...

Read more »

0
तूफान कभी भी मात नहीं खाते - पाश (अवतार सिंह संधू )
तूफान कभी भी मात नहीं खाते - पाश (अवतार सिंह संधू )

हवा का रुख बदलने से बहुत उछले, बहुत कूदे वे जिनके शामियाने डोल चुके थे उन्होंने ऐलान कर दिया अब वृक्ष शांत हो गए है अब तूफान का दम टूट...

Read more »

0
हेकड़ी - गुलज़ार
हेकड़ी - गुलज़ार

Image from Chakmak Magazine एक सिकंदर था पहले, मै आज सिकंदर हूँ अपनी धुन में रहता हूँ, मै मस्त कलंदर हूँ ताजमहल पे बैठ के मैंन...

Read more »

5
अव्वल तो दिल में कीजिए पूजन गनेश जी - नज़ीर अकबराबादी
अव्वल तो दिल में कीजिए पूजन गनेश जी - नज़ीर अकबराबादी

अव्वल तो दिल में कीजिए पूजन गनेश जी। स्तुति भी फिर बखानिए धन-धन गनेश जी। भक्तों को अपने देते हैं दर्शन गनेश जी। वरदान बख़्शते हैं जो ...

Read more »

0
तूफ़ां तो इस शहर में अक्सर आता है - डा. राहत इंदौरी
तूफ़ां तो इस शहर में अक्सर आता है - डा. राहत इंदौरी

यह उन दो ग़ज़लों में से एक ग़ज़ल है जिसे महाराष्ट्र बोर्ड के ११ वी की हिंदी पुस्तक युवक भारती में ली गयी है | तूफ़ां तो इस शहर में अक्सर आता...

Read more »

0
इससे पहले रात मेरे घर छापा मारे - गुलज़ार
इससे पहले रात मेरे घर छापा मारे - गुलज़ार

इससे पहले रात मेरे घर छापा मारे मै तन्हाई ताले में बंद कर आता हूँ "गरबा" नाचता हूँ फिर घुमती सडको पर | -गुलज़ार Roman ...

Read more »
 
 
Top