राखी - डॉ. ज़ियाउर रहमान जाफ़री
राखी जिसमें केवल बसती श्रद्धा रहता निर्मल प्यार भाई और बहन का ख़ालिस ये राखी त्यौहार कहीं हो भाई लेकिन इस दिन बहना के घर आते अपने हाथ बढ़ा देते हैं और राखी बंधवाते नहीं ये केवल एक धागा है इसमें है विश्वास भाई उसका एक रक्षक है जगी है उस…