2
किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा
किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा

किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए, साथ कहाँ अब उसको हमारा चाहिए। कश्ती में तुम्हारी ख्वाहिशें आती नहीं, तुम्हें किसी सफ़ीने का सहारा चाहिए।...

Read more »

0
मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत
मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत

मरने के आसार दिखाई देते है चारो जानिब यार दिखाई देते है जिनकी खातिर पहले हम इक सीढ़ी थे उनको अब हम दीवार दिखाई देते है कुछ है, चुन ...

Read more »

0
मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़
मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़

मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का कुछ अंदाजा नहीं होता सफर का मेरे ख्वाबो मेरी नींदे सजा दो कि मै जागा हुआ हूँ उम्र भर का है मुझमे खामि...

Read more »

0
मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी
मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी

मेरा किरदार कब से जंच रहा है मगर जो सच है वो तो सच रहा है इज़ाफ़ा हो रहा है नफ़रतों में न जाने कौन साज़िश रच रहा है सफ़ेदी आ गयी बालो...

Read more »

0
मेरी दुनिया के तमाम बच्चे - अदनान कफील दरवेश
मेरी दुनिया के तमाम बच्चे - अदनान कफील दरवेश

वो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकर वो साफ़-सुथरी दीवारों पर पेंसिल की नोक रगड़ेंगे वो कुत्तों से बतियाएँगे और बकरियों से औ...

Read more »

0
ये किसका लहू है कौन मरा - साहिर लुधियानवी
ये किसका लहू है कौन मरा - साहिर लुधियानवी

ये किसका लहू है कौन मरा ऐ रहबर-ए-मुल्क-ओ-कौम बता ये किसका लहू है कौन मरा ये जलते हुए घर किसके हैं ये कटते हुए तन किसके है, तकसीम क...

Read more »
 
 
Top