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तू जब राह से भटकेगा, मै बोलूँगा - आलोक श्रीवास्तव
तू जब राह से भटकेगा, मै बोलूँगा - आलोक श्रीवास्तव

तू जब राह से भटकेगा, मै बोलूँगा मुझको कुछ भी खटकेगा, मै बोलूँगा सच का लहजा थोडा टेढा होता है जहाँ जहाँ तू अटकेगा, मै बोलूँगा अवसरव...

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दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई - गुलज़ार
दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई - गुलज़ार

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई आईना देख के तसल्ली हुई हम को इस घर में जानता है कोई पक गया है शज़र पे फल शायद फ...

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मैं नहीं जा पाऊँगा यारो सू-ए-गुलज़ार अभी - हबीब तनवीर
मैं नहीं जा पाऊँगा यारो सू-ए-गुलज़ार अभी - हबीब तनवीर

मैं नहीं जा पाऊँगा यारो सू-ए-गुलज़ार अभी देखनी है आब-जू-ए-ज़ीस्त की रफ़्तार अभी कर चुका हूँ पार ये दरिया न जाने कितनी बार पार ये दरिया ...

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मंजिले क्या है रास्ता क्या है - आलोक श्रीवास्तव
मंजिले क्या है रास्ता क्या है - आलोक श्रीवास्तव

मंजिले क्या है रास्ता क्या है हौसला हो तो फासला क्या है वो सजा देके दूर जा बैठा किस्से पुछू मेरी खता क्या है जब भी चाहेगा छीन लेगा वो...

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ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ - अबरार दानिश
ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ - अबरार दानिश

ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ कौन थामे हाथ मेरा, मै तो इक मजदूर हूँ बस गया है जेहन-ओ-दिल में यूँ मिरे तेरा गुरूर देखने व...

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जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है - अंजुम रहबर
जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है - अंजुम रहबर

जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है उन का हर ऐब ज़माने को हुनर लगता है चाँद तारे मिरे क़दमों में बिछे जाते हैं ये बुज़ुर्गों की दुआओ...

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