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शिकार को निकला शेर - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
शिकार को निकला शेर - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

एक शेर एक रोज जंगल में शिकार के लिए निकला। उसके साथ एक गधा और कुछ दूसरे जानवर थे। सब-के-सब यह मत ठहरा कि शिकार का बराबर हिस्साे लिया जाएगा...

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देश गान - हामिद अल्लाह "अफसर" मेरठी
देश गान - हामिद अल्लाह "अफसर" मेरठी

भारत प्यारा, देश हमारा, सब देशो से न्यारा है, हर रूत, हर एक मौसम इस का, कैसा प्यारा-प्यारा है, कैसा सुहाना, कैसा सुन्दर, प्यारा देश हमारा...

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सआदत हसन मंटो जीवन परिचय
सआदत हसन मंटो जीवन परिचय

सआदत हसन मंटो साहब का जन्म 11 मई 1912 को समराला (पंजाब) में हुआ था | आपने भारत पकिस्तान के विभाजन को अपनी आँखों से देखा सो इस दर्द को अ...

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बंदर ने इक लिया मोबाइल - डॉ. जियाउर रहमान जाफरी
बंदर ने इक लिया मोबाइल - डॉ. जियाउर रहमान जाफरी

बंदर ने इक लिया मोबाइल कर दिया उसमें नंबर डायल बोली उधर बंदरिया हेलो हाल -चाल है कैसा बोलो कहा बंदर ने सुन मेरी रानी आज है थोड़ी सी ...

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अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन  - अहमद फ़राज़
अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन - अहमद फ़राज़

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन ज़ख़्म फूलों की तरह महकेंगे पर देखेगा कौन देखना सब रक़्स-ए-बिस्मल में मगन हो जाएँगे जिस ...

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बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल - कृष्ण कुमार नाज़
बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल - कृष्ण कुमार नाज़

बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल सब इकट्ठा कर रहे हैं छत पे पत्थर आजकल शहरभर की नालियाँ गिरती हैं जिस तालाब में वो समझने लग गया ...

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