0
ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ - अबरार दानिश
ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ - अबरार दानिश

ना मै सोना, ना मै मोती, ना मै कोहेनूर हूँ कौन थामे हाथ मेरा, मै तो इक मजदूर हूँ बस गया है जेहन-ओ-दिल में यूँ मिरे तेरा गुरूर देखने व...

Read more »

0
जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है - अंजुम रहबर
जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है - अंजुम रहबर

जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है उन का हर ऐब ज़माने को हुनर लगता है चाँद तारे मिरे क़दमों में बिछे जाते हैं ये बुज़ुर्गों की दुआओ...

Read more »

2
किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा
किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा

किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए, साथ कहाँ अब उसको हमारा चाहिए। कश्ती में तुम्हारी ख्वाहिशें आती नहीं, तुम्हें किसी सफ़ीने का सहारा चाहिए।...

Read more »

0
मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत
मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत

मरने के आसार दिखाई देते है चारो जानिब यार दिखाई देते है जिनकी खातिर पहले हम इक सीढ़ी थे उनको अब हम दीवार दिखाई देते है कुछ है, चुन ...

Read more »

0
मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़
मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़

मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का कुछ अंदाजा नहीं होता सफर का मेरे ख्वाबो मेरी नींदे सजा दो कि मै जागा हुआ हूँ उम्र भर का है मुझमे खामि...

Read more »

0
मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी
मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी

मेरा किरदार कब से जंच रहा है मगर जो सच है वो तो सच रहा है इज़ाफ़ा हो रहा है नफ़रतों में न जाने कौन साज़िश रच रहा है सफ़ेदी आ गयी बालो...

Read more »
 
 
Top