दीपावली पर पाँच मुक्तक - शाहिद मिर्ज़ा शाहिद
दीपावली पर पाँच मुक्तक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम छोड़कर चल दिए रस्ते सभी फूलों वाले चुन लिए अपने लिए पथ भी बबूलों वाले उनके किरदार की अज़मत है निराली शाहिद दोस्त तो दोस्त, हैं दुश्मन भी उसूलों वाले परतवे-अर्श (आकाश का प्रतिबिंब) जगमगाते हुए …