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एक पगली लड़की के बिन - कुमार विश्वास

एक पगली लड़की के बिन अमावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है, जब दर्द की प्याली रातों में गम आंसू के संग होते हैं, जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं, जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं,सब सोते हैं, हम रोते हैं, जब बार-बार दोहराने स…

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है - कुमार विश्वास

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है यह तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है मोहब्बत इक एहसासों की पावन सी कहानी है कभी…

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