कवि के हाथ में अल्फ़ान्सो की महक - जवाहर चौधरी
कवि के हाथ में अल्फ़ान्सो की महक बाबूजी आम को दबा दबा कर मत देखो, खराब हो जायेंगे | आमवाले ने वरिष्ठ कवि को टोकते हुए कहा तो वे पिनक गए, बोले- "सूंघ कर देखूं या नहीं ! ये भी बता दे | लगता है तेरे आम खास हैं |" "ऐसा नहीं है बाबूजी, सब ल…