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अब दिल की ये शक्ल हो गई है - रईस अमरोहवी

अब दिल की ये शक्ल हो गई है अब दिल की ये शक्ल हो गई है जैसे कोई चीज़ खो गई है पहले भी ख़राब थी ये दुनिया अब और ख़राब हो गई है इस बहर में कितनी कश्तियों को साहिल की हवा डुबो गई है गुल जिन की हँसी उड़ा चुके थे! शबनम भी उन्हीं को रो गई है क…

चाँद की बुढ़िया - रईस अमरोहवी

चाँद की बुढ़िया सुना है चाँद है सोने का अण्डा सुना है चाँद का मौसम है ठंडा सुना है चाँद में हैं ख़ाक पत्थर सुना है चाँद में हैं लाल-ओ-गौहर मगर वो चाँद की बुढ़िया कहाँ है सुना है चाँद के लब सुर्ख़ सुनहरे सुना है चाँद में हैं ग़ार गहरे सुन…

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