मेरा आईना मिरी शक्ल दिखाता है मुझे - तालिब चकवाली
मेरा आईना मिरी शक्ल दिखाता है मुझे मेरा आईना मिरी शक्ल दिखाता है मुझे ये वो अपना है जो बेगाना बताता है मुझे मेरे एहसास-ए-दुई को ये हवा देता है मेरी हस्ती का ये एहसास कराता है मुझे कर्ब एहसास कराता है ख़ुदी के दर्शन ज़ो'म-ए-हस्ती के झरोक…