नज़र नज़र से मिलाओगे मारे जाओगे - ज़ुबैर क़ैसर
नज़र नज़र से मिलाओगे मारे जाओगे नज़र नज़र से मिलाओगे मारे जाओगे ज़ियादा बोझ उठाओगे मारे जाओगे कोई नहीं है यहाँ ए'तिबार के क़ाबिल किसी को राज़ बताओगे मारे जाओगे हर एक शाख़ पे छिड़का हुआ है ज़हर यहाँ शजर को हाथ लगाओगे मारे जाओगे जो काँधे…