ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई - आलोक श्रीवास्तव
ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई, पानियों पर लिख गया आवाज़ कोई बाँध कर मेरे परों से मुश्किलों को, हौसलों को दे गया परवाज़ कोई नाम से जिसके मेरी पहचान होगी, मुझमें उस जैसा भी हो अंदाज़ कोई जिनका तारा था वो आँखें…