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अर्धनारीश्वर - रामधारी सिंह दिनकर

अर्धनारीश्वर - रामधारी सिंह दिनकर एक हाथ में डमरू, एक में वीणा मधुर उदार एक नयन में गरल, एक में संजीवन की धार। जटाजूट में लहर पुण्य की शीतलता-सुख-कारी, बालचंद्र दीपित त्रिपुंड पर बलिहारी! बलिहारी! प्रत्याशा में निखिल विश्व है, ध्यान देवता! त्य…

नया शिवाला - अल्लामा इक़बाल

नया शिवाला सच कह दूँ ऐ बरहमन गर तू बुरा न माने तेरे सनम-कदों के बुत हो गए पुराने अपनों से बैर रखना तू ने बुतों से सीखा जंग-ओ-जदल सिखाया वाइज़ को भी ख़ुदा ने तंग आ के मैं ने आख़िर दैर ओ हरम को छोड़ा वाइज़ का वाज़ छोड़ा छोड़े तिरे फ़साने पत्थर…

हम कोई नादान नहीं कि बच्चों की सी बात करें - अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

हम कोई नादान नहीं कि बच्चों की सी बात करें हम कोई नादान नहीं कि बच्चों की सी बात करें जीना कोई खेल नहीं है बैठो तुक की बात करें शिव तो नहीं हम फिर भी हम ने दुनिया भर के ज़हर पिए इतनी कड़वाहट है मुँह में कैसे मीठी बात करें हम ने सब को मुफ़्लिस …

महादेव - फ़रीद ख़ाँ

महादेव - फ़रीद ख़ाँ If you cannot see the audio controls, your browser does not support the audio element जैसे-जैसे सूरज निकलता है, नीला होता जाता है आसमान। जैसे ध्यान से जग रहे हों महादेव। धीरे-धीरे राख झाड़, उठ खड़ा होता है एक नील पुरुष। और न…

मिरा राम है तू रहीम है - आलोक यादव

मिरा राम है तू रहीम है मिरा राम है तू रहीम है तू अज़ल से दिल में मुक़ीम है मुझे क्या ग़रज़ है जहाँ से अब मिरा श्याम है तू नदीम है तिरे हाथ में मिरी नब्ज़ है तू ही दे दवा तू हकीम है तिरी रहमतों का हिसाब क्या तू ही शिव है मेरा करीम है तू …

महादेव जी का ब्याह - नज़ीर अकबराबादी

महादेव जी का ब्याह - नज़ीर अकबराबादी पहले नाँव गणेश का, लीजिए सीस नवाए जा से कारज सिद्ध हों, सदा महूरत लाए बोल बचन आनंद के, प्रेम, पीत और चाह सुन लो यारो, ध्यान धर, महादेव का ब्याह जोगी जंगम से सुना, वो भी किया बयान और कथा में जो सुना, उस क…

मकानों के नगर में हम अगर कुछ घर बना लेते - नविन सी चतुर्वेदी

मकानों के नगर में हम अगर कुछ घर बना लेते मकानों के नगर में हम अगर कुछ घर बना लेते तो अपनी बस्तियों को स्वर्ग से बढ़ कर बना लेते हमें अपने इलाक़ों से मोहब्बत हो नहीं पाई वगर्ना ज़िंदगी को और भी बेहतर बना लेते समय से लड़ रहे थे और लम्हे कर दिए …

तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले - आलोक श्रीवास्तव

तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले, मंदिर मस्जिद कंकर पत्थर बम भोले घर से दूर न भेज मुझे रोटी लाने, सात गगन हैं, सात समंदर बम भोले कल सपने में सूरज के घोड़े आये, राख हो गईं आँखें जल कर बम भोले ठोकर मारें, सर पीटें…

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