आदमी क्या, रह नहीं पाए सम्हल के देवता - ओमप्रकाश यती
आदमी क्या, रह नहीं पाए सम्हल के देवता आदमी क्या, रह नहीं पाए सम्हल के देवता रूप के तन पर गिरे अक्सर फिसल के देवता बाढ़ की लाते तबाही तो कभी सूखा विकट किसलिए नाराज़ रहते हैं ये जल के देवता भीड़ भक्तों की खड़ी है देर से दरबार में देखिए आते हैं अब …