माँ - प्रसून जोशी
माँ मैं कभी बतलाता नहीं पर अँधेरे से डरता हूँ मैं माँ यूँ तो मैं दिखलाता नहीं तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ तुझे सब है पता, है न माँ तुझे सब है पता, मेरी माँ भीड़ में यूँ न छोड़ो मुझे घर लौट के भी आ न पाऊँ माँ भेज न इतना दूर मुझको तू याद भी…