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ये हम को कौन सी दुनिया की धुन आवारा रखती है - अब्बास ताबिश

ये हम को कौन सी दुनिया की धुन आवारा रखती है ये हम को कौन सी दुनिया की धुन आवारा रखती है कि ख़ुद साबित-क़दम रह कर हमें सय्यारा रखती है अगर बुझने लगें हम तो हवा-ए-शाम-ए-तन्हाई किसी मेहराब में जा कर हमें दोबारा रखती है चलो हम धूप जैसे लोग ही उ…

माँ पर बेहतरीन शायरी

माँ पर कुछ शेर / माँ पर बेहतरीन शायरी जीवन की शुरुवात में जो हमसे जुडी रहती है वो है माँ | माँ पर लिखने जाये तो कई किताबे भर जायेगी फिर भी लिखने को काफी कुछ बाकी रह जायेगा | आप सभी के लिए हम लाये है कुछ चुने हुए शेर अपनी महबूबा में अपनी माँ दे…

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