कहने को है जनता राज - अदीबी मालिगाँवी
कहने को है जनता राज कहने को है जनता राज लेकिन जनता है मोहताज हुस्न की आँखों में आँसू बह गई उलटी गंगा आज आज है अपनों का रोना कल थे गैरों के मोहताज किस-किस की हम बात सुने हर कोई है, साहब-ए-ताज जिसके पसीने से खिरमन वह खुद रोटी को मोहताज …