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जो भी कुछ अच्छा बुरा होना है जल्दी हो जाए - रउफ़ रज़ा

जो भी कुछ अच्छा बुरा होना है जल्दी हो जाए जो भी कुछ अच्छा बुरा होना है जल्दी हो जाए शहर जागे या मिरी नींद ही गहरी हो जाए यार उकताए हुए रहते हैं ऐसा कर लूँ आज की शाम कोई झूटी कहानी हो जाए यूँ भी हो जाए कि बरता हुआ रस्ता न मिले कोई शब लौट के घ…

जितना पाता हूँ गँवा देता हूँ - रउफ़ रज़ा

जितना पाता हूँ गँवा देता हूँ जितना पाता हूँ गँवा देता हूँ फिर उसी दर पे सदा देता हूँ ख़त्म होता नहीं फूलों का सफ़र रोज़ इक शाख़ हिला देता हूँ होश में याद नहीं रहते हैं ख़त बे-ख़याली में जला देता हूँ सब से लड़ लेता हूँ अंदर अंदर जिस को जी …

हर मौसम में ख़ाली पन की मजबूरी हो जाओगे - रउफ़ रज़ा

हर मौसम में ख़ाली पन की मजबूरी हो जाओगे हर मौसम में ख़ाली-पन की मजबूरी हो जाओगे इतना उस को याद किया तो पत्थर भी हो जाओगे हँसते भी हो रोते भी हो आज तलक तो ऐसा है जब ये मौसम साथ न देंगे तस्वीरी हो जाओगे हर आने जाने वाले से घर का रस्ता पूछते हो …

क्या लिखू क्या मंज़र है - रऊफ रज़ा

क्या लिखू क्या मंज़र है क्या लिखू क्या मंज़र है फूल के हाथ में पत्थर है ऐसी बारिश ऐसी हवा सारा गुस्सा मुझ पर है प्यासा है तो प्यास दिखा तू कोई पैगम्बर है दीवाने! दीवाना बन तेरे हक में बेहतर है मै कैसे मर सकता हू इतना कर्जा मुझ पर है अ…

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