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सर्दी आई - सफ़दर हाश्मी

सर्दी आई सर्दी आई, सर्दी आई ठंड की पहने वर्दी आई। सबने लादे ढेर से कपड़े चाहे दुबले, चाहे तगड़े। नाक सभी की लाल हो गई सुकड़ी सबकी चाल हो गई। ठिठुर रहे हैं, कांप रहे हैं दौड़ रहे हैं, हांप रहे हैं। धूप में दौड़ें तो भी सर्दी छाओं में बैठ…

मच्छर पहलवान - सफ़दर हाशमी

मच्छर पहलवान बात की बात खुराफत की खुराफात, बेरिया का पत्ता सवा सत्रह हाथ, उसपे ठहरी बारात! मच्छर ने मारी एड़ तो टूट गया पेड़, पत्ता गया मुड़ बारात गई उड़। - सफ़दर हाशमी Machchhar Pahalwan baat ki baat khuraafaat ki khuraafaat beriy…

शिब्बी का अंगूठा - सफ़दर हाश्मी

शिब्बी का अंगूठा शिब्बी का अंगूठा पता है कैसे टूटा शिब्बी का अंगूठा जाने कैसे टूटा टूटा तो यूँ फूला हाथ स्लिंग में झूला स्लिंग उतारा, फेंका ना बंधा, ना सेंका ठेंगा और भी फूला हाथ हो गया लूला टीस जोर से मारी हाय मरी बेचारी दौड़ी दौ…

पढ़ना-लिखना सीखो ओ मेहनत करने वालों - सफ़दर हाशमी

पढ़ना-लिखना सीखो ओ मेहनत करने वालोंं पढ़ना-लिखना सीखो ओ मेहनत करने वालों पढ़ना-लिखना सीखो ओ भूख से मरने वालों क ख ग घ को पहचानो अलिफ़ को पढ़ना सीखो अ आ इ ई को हथियार बनाकर लड़ना सीखो ओ सड़क बनाने वालों, ओ भवन उठाने वालों खुद अपनी किस्मत का…

यह कैसा है घोटाला - सफ़दर हाश्मी

यह कैसा है घोटाला यह कैसा है घोटाला कि चाबी में है ताला कमरे के अन्दर घर है और गाय में है गोशाला दांतों के अन्दर मुंह है और सब्जी में है थाली रुई के अन्दर तकिया और चाय के अन्दर प्याली टोपी के ऊपर सर है और कार के ऊपर बस्ता ऐनक पे लगी है …

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