हर गीत में... - ज़हीर अली सिद्दीक़ी
हर गीत में भूलकर मतभेद को, मिलाप का पैग़ाम दूँ। अहंकार का संहार कर, विनम्रता और प्यार दूँ। सीखकर हर हार से, विजयी उदघोष कर दूँ। त्याग दूँ तनाव को, शक्ति का संचार भर दूँ। दूरी बनाऊँ गुरूर से, नादानी से तोबा करूँ। हर एक बूँद नेत्र की, लोग…