मुझ पर इनायतें हैं कई साहिबान की - अशोक मिज़ाज
मुझ पर इनायतें हैं कई साहिबान की मुझ पर इनायतें हैं कई साहिबान की कुछ हैं ज़मीन वालों की कुछ आसमान की अपने सफ़र का तन्हा मुसाफ़िर नहीं हूँ मैं इज़्ज़त जुड़ी है मुझ से मिरे ख़ानदान की वो मुझ को आज़मा के कड़ी धूप में रहा मुझ को ख़िज़ाँ बहार लग…