दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती - निदा फ़ाज़ली
दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती कुछ लोग यूँही शहर में हम से भी ख़फ़ा हैं हर एक से अपनी भी तबीअ'त नहीं मिलती देखा है जिसे मैं ने कोई और था शायद वो कौन …