ख़्वाब का शायर फैज़ फ़ैज़ - मंगलेश डबराल
ख़्वाब का शायर फ़ैज़ - मंगलेश डबराल सन 1972 में फ़ैज़ को नई दिल्ली में एफ्रो एशियाई लेखक सम्मलेन में पहली बार देखा था, लेकिन ठीक से नही देखा था क्योकि तब हम लोग सम्मेलन का विरोध और बहिष्कार कर रहे थे | एफ्रो-एशियाई लेखक सम्मलेन का रिश्ता भारतीय कम्यु…