जोग बिजोग की बातें झूठी, सब जी का बहलाना हो - इब्ने इंशा
जोग बिजोग की बातें झूठी, सब जी का बहलाना हो जोग बिजोग की बातें झूठी, सब जी का बहलाना हो| फिर भी हम से जाते जाते एक ग़ज़ल सुन जाना हो| सारी दुनिया अक्ल की बैरी, कौन यहां पर सयाना हो, नाहक़ नाम धरें सब हम को, दीवाना दीवाना हो| तुम ने तो इक रीत …