aansu

अपाहिज व्यथा को वहन कर रहा हूँ - दुष्यंत कुमार

अपाहिज व्यथा को वहन कर रहा हूँ अपाहिज व्यथा को वहन कर रहा हूँ तुम्हारी कहन थी, कहन कर रहा हूँ ये दरवाज़ा खोलें तो खुलता नहीं है इसे तोड़ने का जतन कर रहा हूँ अँधेरे में कुछ ज़िन्दगी होम कर दी उजाले में अब ये हवन कर रहा हूँ वे संबंध अब तक ब…

Load More
That is All
preload preload preload preload preload