मौत से ठन गई - अटल बिहारी वाजपेयी
मौत से ठन गई ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िंदगी से बड़ी हो गई मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िंदगी-सिलसिला, आज-कल की नहीं मैं जी भर जिया, मैं मन स…