armaan-khan

जुबां की, जात की, न मज़हब की बात करिये - अरमान खान

जुबां की, जात की, न मज़हब की बात करिये जुबां की, जात की, न मज़हब की बात करिये, जो करनी है सियासत, तो सब की बात करिये... तुम पढ़े लिखे हो मियाँ, तुम्ही जानों सो खुदा, हम अनपढो से बस, एक रब की बात करिये... ख्वाब सब के है एक जैसे, तो क्यों न ऐ संस…

बस दो चार अफवाहें उड़ा दो - अरमान खान

बस दो चार अफवाहें उड़ा दो बस दो चार अफवाहें उड़ा दो यहाँ जब चाहे दंगा करा दो रोटी-वोटी लोग भूल जायेंगे बस मंदिर-मस्जिद मुद्दा उठा दो भडकाना हो अगर बेवकूफों को सिर्फ एक फर्जी विडियो चला दो नासमझ, नादान भेडो का झुण्ड है जिधर मर्जी आये, उधर ह…

Load More
That is All
preload preload preload preload preload