15 अगस्त - शौकत परदेसी
15 अगस्त हर सू है बहार-ए-माह-ए-अगस्त है दिल में क़रार-ए-माह-ए-अगस्त अपना है चमन अपना है वतन अपना है जहान-ए-आज़ादी है हाथों में आज़ादी का अलम है सब से जुदा अपना परचम आज़ाद है अब अपना मस्कन ऊँचा है निशान-ए-आज़ादी धरती को सजाएँगे हम सब गुलज़ा…