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विजयी विश्व तिरंगा रहे - नरेन्द्र सोनकर 'कुमार सोनकरन'

विजयी विश्व तिरंगा रहे वैमनस्यता रहे न ही दंगा रहे मोहब्बत में न कोई अड़ंगा रहे परचम लहराता हुआ विश्व में विजयी विश्व तिरंगा रहे ज़ुल्म की सूची में अंड़्गा रहे पाक-सा न कोई लफंगा रहे परचम लहराता हुआ विश्व में विजयी विश्व तिरंगा रहे बुलंदि…

ऐ मेरे प्यारे वतन - प्रेम धवन

ऐ मेरे प्यारे वतन यह गीत (कविता) फिल्म काबुलीवाला ( 1961) में लिया गया था जिसे मन्ना डे साहब ने गाया था और बलराज साहनी साहब पर फिल्माया गया था | ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझ पे दिल क़ुर्बान तू ही मेरी आरज़ू तू ही मेरी आबरू तू ही मेरी…

सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद हैं - अदम गोंडवी

सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद हैं सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद हैं दिल रखकर हाथ कहिए देश क्या आज़ाद है कोठियों से मुल्क के मेआर को मत आँकिए असली हिंदुस्तान तो फुटपाथ पर आबाद है जिस शहर में मुंतज़िम अंधे हों जल्वागाह के उस शहर में रोशन…

वीरवर - महावीर उत्तरांचली

वीरवर धन्य हमारी मातृभूमि, धन्य हमारे वीरवर लौट आये कालमुख से, शत्रु की छाती चीरकर बढ़ चले विजयनाद करते, काल को परास्त कर रीढ़ शत्रु का तोड़ आये, वज्र मुश्ठ प्रहार कर पीछे न हट सके वो पग, जब काल का प्रण किया रणबांकुरों ने ऐसे हँसके, मृत्यु का व…

गणतंत्र दिवस - ज्ञानेंद्रपति

गणतंत्र दिवस - ज्ञानेंद्रपति यह इनका गणतंत्र - दिवस है तुम दूर से उन्हें देख कहोगे गिनती सीखने की उम्रवाले बच्चे चार-पाँच पकड़े हुए एक-एक हाथ में एक-एक नहीं, कई-कई नन्हें काग़ज़ी राष्ट्रीय झंडे तिरंगे लेकिन थोड़ा क़रीब होते ही तुम्हारा भरम …

संकट-ग्रस्त को उबार देगा - नरेन्द्र सोनकर कुमार सोनकरन

संकट-ग्रस्त को उबार देगा संकट-ग्रस्त को उबार देगा अन्यायियों को सुधार देगा पड़ी जरूरत अगर देश को हर एक हाथ में कुठार देगा स्वर बुलंद कर इंकलाब का ललकार देगा ; पुकार देगा ऑंख दिखाने वालों का तो धड़ से गरदन उतार देगा राष्ट्र- विरोधी हरेक…

प्यारा हिन्दोस्तान - नज़ीर बनारसी

प्यारा हिन्दोस्तान जिस का है सब को ज्ञान यही है सारे जहाँ की जान यही है जिस से है अपनी आन यही है मेरा निवास स्थान यही है प्यारा हिन्दोस्तान यही है हँसता पर्बत हँसमुख झरना पाँव पसारे गंगा जमुना गोदी खोले धरती माता मेरा निवास स्थान यही है…

हमारा देस - अहमक़ फफूँदवी

हमारा देस जग से भला संसार से प्यारा दिल की ठंडक आँख का तारा सब से अनोखा सब से न्यारा दुनिया के जीने का सहारा प्यारा भारत देस हमारा कितनी पुर-कैफ़ इस की अदाएँ कितनी दिलकश इस की फ़ज़ाएँ मुश्क से बढ़ कर इस की हवाएँ ख़ुल्द से बेहतर इस का नज़ा…

जय तिरंग ध्वज - रमेश कौशिक

जय तिरंग ध्वज जय तिरंग ध्वज लहराओ दुर्ग और मीनारों पर मंदिर और घर द्वारों पर अंबर के नीले तल पर सागर के गहरे जल पर सत्य पताका फहराओ जय तिरंग ध्वज लहराओ मुक्ति दिवस भारत माँ का बीता समय निराशा का युग-युग तक मिटने के बाद पुन: हो रहे हैं …

उठो धरा के अमर सपूतों - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी

उठो धरा के अमर सपूतों उठो धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो। जन-जन के जीवन में फिर से नव स्फूर्ति, नव प्राण भरो। नई प्रात है, नई बात है नया किरन है, ज्योति नई। नई उमंगें, नई तरंगें नई आस है, साँस नई। युग-युग के मुरझे सुमनों में नई-…

पुष्प की अभिलाषा - माखनलाल चतुर्वेदी

पुष्प की अभिलाषा चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ। चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ॥ चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊँ। चाह नहीं, देवों के सिर पर चढूँ, भाग्य पर इठलाऊँ॥ मुझे तोड़ लेना वनमाली। उस प…

15 अगस्त - शौकत परदेसी

15 अगस्त हर सू है बहार-ए-माह-ए-अगस्त है दिल में क़रार-ए-माह-ए-अगस्त अपना है चमन अपना है वतन अपना है जहान-ए-आज़ादी है हाथों में आज़ादी का अलम है सब से जुदा अपना परचम आज़ाद है अब अपना मस्कन ऊँचा है निशान-ए-आज़ादी धरती को सजाएँगे हम सब गुलज़ा…

भारत माता - बेताब अलीपुरी

भारत माता धरती जो हम को देती अन्न वही तो है भारत का धन सोना उगले अपनी धरती बरसे उमड उमड कर हर घन लहराए झंडा ये तिरंगा गाते जाएँ हम जन मन गन देश का मेरे नाम हो ऊँचा चाहे भारत का हर इक जन भारत माता की जय बोलें इस पर वारें अपना तन-मन -…

उस देश की तलाश है जो मेरी जान था - डॉ. हनुमंत नायडू

उस देश की तलाश है जो मेरी जान था उस देश की तलाश है जो मेरी जान था उसकी किसी गली में ही मेरा मकान था । बौना भले था घर मेरा ईमान पर खड़ा आँगन में उसके प्यार का ऊँचा मचान था । मैं देश में ही ढूँढ़ रहा ऐसे देश को हाथों में जिसके एक तिरंगा निशान थ…

देशभक्ति पर ग़ज़ल, शेर, कविता और कहानियाँ

देशभक्ति पर ग़ज़ल, शेर, कविता और कहानियाँ देशप्रेम एक जज़्बा है जिसे जगाने के लिये किसी स्वतंत्रता दिवस, स्वाधीनता दिवस या किसी और तरह के शोर्य दिवस की आवश्यकता नहीं होती यह हर देश वासी के मन के भीतर होता है भले ही वह दबा छुपा हुआ हों | हम आप के लिये…

ख़्वाबों का गुलिस्ताँ है तू, अरमानों का चमन - रेख़्ता पटौलवी

ख़्वाबों का गुलिस्ताँ है तू, अरमानों का चमन ख़्वाबों का गुलिस्ताँ है तू, अरमानों का चमन जन्नत से कम नहीं है तू मेरे लिए वतन इक गीत मैंने लिक्खा है तेरे लिए वतन ख़्वाबों का गुल्सिताँ है तू, अरमानों का चमन परबत हिमाला अज़्म का परचम कहें जिसे गं…

देश-प्रेम : मेरे लिए - धूमिल

देश-प्रेम : मेरे लिए एक बीमार आदमी का वक्तव्य दिन भर के बाद भोजन कर लेने पर देश-प्रेम से मस्त एक गीत गुनगुनाता हूँ जिसे अमीर ख़ुसरो ने लिखा है : अन्य लोगों की तरह मैं इतना कृतघ्न नहीं कि उस ज़मीन को धिक्कार दूँ जिस पर मेरा जन्म खड़ा है मेर…

उर्दू हिन्दी - कौसर सिद्दीक़ी

उर्दू हिन्दी हिन्दोस्ताँ हमारा सुंदर है और प्यारा धरती है ये हमारी ये स्वर्ग है हमारा जिस तरह गंगा जमुना दो नद्दियाँ हैं प्यारी ऐसी ही गंगा-जमनी तहज़ीब है हमारी जिस तरह हिन्दू मुस्लिम रौनक़ हैं इस चमन की ऐसे ही हिन्दी उर्दू दो बहनें ह…

हमारा भारत - अबरार किरतपुरी

प्यारा देश हमारा भारत प्यारा देश हमारा भारत सारे जग से न्यारा भारत कोह-ए-हिमाला इस का दरबाँ दूध की हर-जा बहती नदियाँ मस्त फ़ज़ा में अमृत बरसे प्यारी धरती सोना अगले सब मौसम हैं पावन इस में सर्दी गर्मी सावन इस में ओढ़े हिमाला बर्फ़ की चाद…

जय जय हिन्दोस्तान - बेताब अलीपुरी

जय जय हिन्दोस्तान हिन्दोस्तान तुम्हारा बच्चो तुम हो हिन्दोस्तान के बच्चो इस की शान तुम्ही से प्यारे मालिक हो तुम आन के बच्चो जय जय हिन्दोस्तान वीर बुज़ुर्गों की संतानो अपने को तुम ख़ुद पहचानो राणा और हमीद भी तुम हो निकलो अपना सीना तानो ज…

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