urdu

हिंदी और उर्दू - सआदत हसन मंटो

हिंदी और उर्दू हिन्दी और उर्दू का झगड़ा एक ज़माने से जारी है। मौलवी अब्दुल-हक़ साहब, डाक्टर तारा चंद जी और महात्मा गांधी इस झगड़े को समझते हैं लेकिन मेरी समझ से ये अभी तक बालातर है। कोशिश के बावजूद इस का मतलब मेरे ज़हन में नहीं आया। हिन्दी के हक़ में ह…

बादे सेहर जब तू चलती है - परवेज़ मुज़फ़्फ़र

बादे सेहर जब तू चलती है बादे सेहर जब तू चलती है। गुलशन मे झाडू चलती है। बाहर सब कुछ ठंडा ठंडा। अंदर अंदर लू चलती है। कांटे पीले पड जाते हैं। कलियों पर खुश्बू चलती है। व्हिस्की से परहेज़ है हमको। थोडी तम्बाकू चलती है। मैं यूं ही गुल हो ज…

मुहावरों और कहावतों का हिन्दी उर्दू शायरी/कविता में उपयोग

मुहावरों और कहावतों का हिन्दी उर्दू शायरी/कविता में उपयोग हम अपने जीवन में न जाने कितनी बार मुहावरों और कहावतों का इस्तेमाल जरुर करते है | इन्हें जाने अनजाने अपनी बातो में जाहिर किया जाता है | वैसे मुहावरा और कहावत को एक ही समझा जाता है परन्त…

उर्दू - रेख़्ता पटौलवी

उर्दू - रेख़्ता पटौलवी हिंद की ताजदार है उर्दू इस चमन की बहार है उर्दू लखनऊ की नज़ाकतों की क़सम दिलबर-ए -तरहदार है उर्दू दिल्ली वालों के दिल को लूट लिया शौख़ चंचल निगार है उर्दू लाल किले की रौनक़ों की क़सम जलवा -ए- सदबहार है उर्दू फ़ख़्र से कह रहा …

उर्दू हिन्दी - कौसर सिद्दीक़ी

उर्दू हिन्दी हिन्दोस्ताँ हमारा सुंदर है और प्यारा धरती है ये हमारी ये स्वर्ग है हमारा जिस तरह गंगा जमुना दो नद्दियाँ हैं प्यारी ऐसी ही गंगा-जमनी तहज़ीब है हमारी जिस तरह हिन्दू मुस्लिम रौनक़ हैं इस चमन की ऐसे ही हिन्दी उर्दू दो बहनें ह…

उर्दू हिन्दी - जौहर रहमानी

उर्दू हिन्दी उर्दू हिन्दी प्यारी बहनें प्यार का गहना दोनों पहनें एक है इन का घर और आँगन फूल खिले हैं गुलशन गुलशन भारत माँ की राज दुलारी दोनों बहनें प्यारी प्यारी गीत एकता के ये गाएँ भेद भाव को दूर भगाएँ हर दिल पर इन की है हुकूमत सब करत…

औसान पर यूँ उस ने क़ाबू किया हुआ है - रहमान मुसव्विर

औसान पर यूँ उस ने क़ाबू किया हुआ है जैसे कि मुझ पे काला जादू किया हुआ है बातें सजा रखी हैं दीवार पर दिए सी यादों को मैं ने उस की जुगनू किया हुआ है मिट्टी के इस बदन में है रूह नर्तकी सी साँसों को उस ने मेरी घुंघरू किया हुआ है हिन्दी महक रही …

अब दिल है मक़ाम बेकसी का - दाग़ देहलवी

अब दिल है मक़ाम बेकसी का अब दिल है मक़ाम बेकसी का यूँ घर न तबाह हो किसी का रोना है अब उस हँसी खुशी का मातम है बहारे ज़िन्दगी का किस-किस को मजा है आशिकी का तुम नाम तो लो भला किसी का गुलशन में तेरे लबो ने गोया रस चूस लिया कली-कली का तेरा भी…

लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है - मुनव्वर राना

लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है मै उर्दू मै ग़ज़ल कहता हूँ हिंदी मुस्कुराती है उछलते-खेलते बचपन में बेटा ढूंढती होगी तभी तो देख कर पोते को दादी मुस्कुराती है तभी जा कर कही माँ बाप को कुछ चै…

Load More
That is All
preload preload preload preload preload