वीर तुम बढ़े चलो - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
वीर तुम बढ़े चलो वीर तुम बढ़े चलो! धीर तुम बढ़े चलो! हाथ में ध्वजा रहे, बाल दल सजा रहे ध्वज कभी झुके नहीं, दल कभी रुके नहीं वीर तुम बढ़े चलो! धीर तुम बढ़े चलो! सामने पहाड़ हो, सिंह की दहाड़ हो तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं वीर तुम ब…