मेरे होने में किसी तौर से शामिल हो जाओ - इरफ़ान सिद्दीकी
मेरे होने में किसी तौर से शामिल हो जाओ मेरे होने में किसी तौर से शामिल हो जाओ तुम मसीहा नहीं होते हो तो क़ातिल हो जाओ दश्त से दूर भी क्या रंग दिखाता है जुनूँ देखना है तो किसी शहर में दाख़िल हो जाओ जिस पे होता ही नहीं ख़ून-ए-दो-आलम साबित बढ़…