क़िस्से बनेंगे अब के बरस भी कमाल के - ख़लील धनतेजवी
क़िस्से बनेंगे अब के बरस भी कमाल के क़िस्से बनेंगे अब के बरस भी कमाल के... पिछला बरस तो गया है कलेजा निकाल के... तुमको नया ये साल मुबारक हो दोस्तों, मैं जख़्म गिन रहा हूँ अभी पिछले साल के... माना कि जिंदगी से बहुत प्यार है मगर, कब तक रखोगे काँ…