मेरी सुबह हो के न हो मुझे है फिराक़ यार से वास्ता - ज़रीना सानी
मेरी सुबह हो के न हो मुझे है फिराक़ यार से वास्ता मेरी सुबह हो के न हो मुझे है फिराक़ यार से वास्ता शबे ग़म से मेरा मुकाबला दिले बेकरार से वास्ता मेरी जिन्दगी न संवर सकी मेरे ख्वाब सारे बिखर गये मैं खिजाँ रसीदा कली हूँ अब मुझे क्या बहार से वास्…