एकदम अपने बुख़ार में - चंद्रकांत देवताले
एकदम अपने बुख़ार में जब इंदौर में होता हूँ शुभचिंतक बता देते हैं कि उज्जैन गया हूँ और उज्जैन में होने पर वहाँ के मेरे दुश्मन पता देते हैं इंदौर का इस तरह मैं कइयों के वास्ते कहीं नहीं होता और कभी-कभी मैं भी जहाँ होता हूँ नहीं होता कुछ लोग वे …