फूलों की घाटी में - शोभनाथ लाल
फूलों की घाटी में चलो चलो उड़ चले आज हम फूलों की उस घाटी में जहाँ फूल ही फूल खिले हों घाटी की उस माटी में देवलोक से परियां आती वहाँ देखने फुलवारी रंग-बिरंगे फूल खिले है महके केसर की क्यारी मंद पवन दुलराए जब-जब झूम उठे कलियाँ सारी थिरक-थ…