खुदा को ही अब साँचों मे उतरना पडेगा - अवनींद्र बिस्मिल
खुदा को ही अब साँचों मे उतरना पडेगा उतरेंगे फलक से तो जमीन पर चलना पडेगा, सितारों को कदम कदम पर सभँलना पडेगा। तरह तरह के रंग दिखाती इस दुनिया में, तुझे आईने की तरह ढलना पडेगा।। बहुत बदनाम कर दिया है इस जमाने ने, अब मोहब्बत का नाम ही बदलना प…