क्या सितारों को तका है रात भर पल पल कभी - संदीप ठाकुर
क्या सितारों को तका है रात भर पल पल कभी क्या सितारों को तका है रात भर पल पल कभी चाँद के गालों पे पड़ते देखे हैं डिम्पल कभी नाम मेरा याद करके चुस्कियों के बीच में क्या हुई है चाय के कप में तिरे हलचल कभी जानता हूँ उम्र भर तू साथ दे सकता नहीं प…