jung

एटम बम - अमृतलाल नागर

एटम बम - अमृतलाल नागर चेतना लौटने लगी। साँस में गंधक की तरह तेज़ बदबूदार और दम घुटाने वाली हवा भरी हुई थी। कोबायाशी ने महसूस किया कि बम के उस प्राण-घातक धड़ाके की गूँज अभी-भी उसके दिल में धँस रही है। भय अभी-भी उस पर छाया हुआ है। उसका दिल ज़ोर-ज़ोर…

जंग / युद्ध पर शायरी | जंग पर शेर शायरी संग्रह

जंग / युद्ध पर शायरी | जंग पर शेर शायरी संग्रह युद्ध और जंग से किसी समस्या का हल कभी नहीं हुआ असल में जंग के कारण के नरसंहार जरुर हुए है | जंग/ युद्ध कभी वर्चस्व पाने के लिए की गई या कभी संपत्ति पाने के लिए | जंग / युद्ध सत्ता हथियाने के लिए हुए |…

युद्ध और शांति - पाश

युद्ध और शांति हम जिन्होंने युद्ध नहीं किया तुम्हारे शरीफ़ बेटे नहीं हैं ज़िंदगी! वैसे हम हमेशा शरीफ़ बनना चाहते रहे हमने दो रोटियों और ज़रा-सी रज़ाई के एवज़ में युद्ध के आकार को सिकोड़ना चाहा हम बिना शान के फंदों में शांति-सा कुछ बुनते रहे हम …

जो हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं - सदानंद शाही

जो हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं टूट चुका है रथ कीचड़ में धँस गए हैं पहिए लहूलुहान आत्मा पर बाणों की बारिश जारी है फँसे हुए पहिए और धँसे हुए बाणों को निकालने तक का अवकाश नहीं है युद्ध और प्यार में सब कुछ को जायज़ मानने वाले किसी नियम या नैत…

अम्न की ठंडी छाँव में - सय्यदा फ़रहत

अम्न की ठंडी छाँव में छोड़ो भी ये जंग की बातें ख़ून-ख़राबे की ये घातें जंग की भड़की आग बुझाओ अम्न की ठंडी छाँव में आओ बच्चे और बच्चों की माएँ अम्न की रखती हैं आशाएँ जंग की भड़की आग बुझाओ अम्न की ठंडी छाँव में आओ नन्हे मुन्ने प्यारे बच्चे…

मरते बस इंसान हैं - मारूफ आलम

मरते बस इंसान हैं बम नही मरते,तोपें नही मरतीं गोलियां नही मरतीं,बंदूकें नही मरतीं मरते बस इंसान हैं जंग के बाद का नुकसान कोई फरिश्ता नही भरता भरते बस इंसान हैं गोलियां नही मरतीं बंदूकें नही मरतीं मरते बस इंसान हैं खुदा किसी से नफरत नही क…

मैं अब विदा लेता हूँ - अवतार सिंह संधू पाश

Hindi Translation by Chaman Lal मैं अब विदा लेता हूँ अब विदा लेता हूँ मेरी दोस्त, मैं अब विदा लेता हूँ मैंने एक कविता लिखनी चाही थी सारी उम्र जिसे तुम पढ़ती रह सकतीं उस कविता में महकते हुए धनिए का ज़िक्र होना था ईख की सरसराहट का ज़िक्र होना…

Load More
That is All
preload preload preload preload preload