atul-ajnabi

बच्चों पर शायरी

बच्चों पर शायरी बच्चों पर कुछ शेर पेश है आशा है आप सभी को जरुर पसंद आयेंगे... इक मंज़र में पेड़ थे जिन पर चंद कबूतर बैठे थे इक बच्चे की लाश भी थी जिस के कंधे पर बस्ता था - अंजुम तराज़ी दुख़्तर-ए-रज़ ने उठा रक्खी है आफ़त सर पर ख़ैरियत गुज़री कि अ…

पूछो न उससे कौन है, आता कहाँ से है - अतुल अजनबी

पूछो न उससे कौन है, आता कहाँ से है पूछो न उससे कौन है, आता कहाँ से है दिल की कहानी देखो, सुनाता कहाँ से है आवाज़ गूँजती है हमेशा इक आस-पास है कौन मेरा, और बुलाता कहाँ से है लमहा खु़शी का हो कि दुखों का कि हिज्र का आँसू हमारी आँख में आता कहाँ …

अजब ख़ुलूस अजब सादगी से करता है - अतुल अजनबी

अजब ख़ुलूस अजब सादगी से करता है अजब ख़ुलूस अजब सादगी से करता है दरख़्त नेकी बड़ी ख़ामोशी से करता है मैं उस का दोस्त हूँ अच्छा यही नहीं काफ़ी उमीद और भी कुछ दोस्ती से करता है जवाब देने को जी चाहता नहीं उस को सवाल वैसे बड़ी आजिज़ी से करता है …

Load More
That is All
preload preload preload preload preload