पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है - मीर तक़ी मीर
पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश को बाले तक उस को फ़लक चश्म-ए-मह-ओ-ख़ुर की पुतली का तारा जाने है आगे उस मुतकब्ब…