कल के आने वाले बादल - नारायण लाल परमार
कल के आने वाले बादल नहीं दिखते दूर दूर तक पानी लाने वाले बादल पत्तो की चल रही हवा से क्षण प्रतिक्षण है कानाफूसी मांग रही हँसने गाने का खुशबू अपना हक़ मौरूसी आज कभी तक पहुँच न पाए कल के आने वाले बादल यद्यपि पेड़ बहुत जंगल में कोई नहीं बजात…