जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है - भारतेंदु हरिश्चंद्र
जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है उसी का सब है जल्वा जो जहाँ में आश्कारा है भला मख़्लूक़ ख़ालिक़ की सिफ़त समझे कहाँ क़ुदरत उसी से नेति नेति ऐ यार दीदों ने पुकारा है न कुछ चारा चला लाचार चारों …