दीवाना बनाना है तो दीवाना बना दे - बहज़ाद लखनवी
दीवाना बनाना है तो दीवाना बना दे दीवाना बनाना है तो दीवाना बना दे वर्ना कहीं तक़दीर तमाशा न बना दे ऐ देखने वालो मुझे हँस हँस के न देखो तुम को भी मोहब्बत कहीं मुझ सा न बना दे मैं ढूँढ रहा हूँ मिरी वो शम्अ कहाँ है जो बज़्म की हर चीज़ को परवाना…