मीर - आलोक धन्वा
मीर - आलोक धन्वा मीर पर बातें करो तो वे बातें भी उतनी ही अच्छी लगती है जितने मीर और तुम्हारा वह कहना सब दीवानगी की सादगी में दिल-दिल करना दुहराना दिल के बारे में ज़ोर देकर कहना अपने दिल के बारे में कि जनाब यह वही दिल है जो मीर की गली से …