ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फ़त नई नई है शबीना अदीब
ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फ़त नई नई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फ़त नई नई है अभी तकल्लुफ़ है गुफ़्तुगू में अभी मोहब्बत नई नई है अभी न आएगी नींद तुम को अभी न हम को सुकूँ मिलेगा अभी तो धड़केगा दिल ज़ियादा अभी ये …