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निदा फ़ाज़ली उर्दू शायरी का आफ़ताब
निदा फ़ाज़ली उर्दू शायरी का आफ़ताब

उनकी पूर्ण जीवनी यहाँ पढ़ सकते है Click here निदा फ़ाज़ली शायरी को जानने वालो के लिए ये कोई नया नाम...

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यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल खुशी के साथ -निदा फ़ाज़ली
यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल खुशी के साथ -निदा फ़ाज़ली

जीवन क्या है चलता फिरता एक खिलौना है, दो आँखों में एक से हँसना, एक से रोना है | अपनी मर्ज़ी...

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सुनाओ कोई कहानी कि रात कट जाए - ज़ैदी जाफ़र रज़ा
सुनाओ कोई कहानी कि रात कट जाए - ज़ैदी जाफ़र रज़ा

सुनाओ कोई कहानी कि रात कट जाए इसी तरह से है मुमकिन हयात कट जाए तुम्हारी बज़्म से उठ जाऊँगा अचानक मैं, किसी की, बीच में ही जैसे बात कट ज...

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सरापा जिंदगी इक हादसा है  - शैदा बघौनवी
सरापा जिंदगी इक हादसा है - शैदा बघौनवी

सरापा जिंदगी इक हादसा है हमारी हर खुशी इक हादसा है मिरी बस्ती के दो टुकड़े हुए है वो पतली-सी नदी इक हादसा है कोई कब तक यहाँ खुद को बचा...

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हमसे दिलचस्प कभी सच्चे नहीं होते है - जावेद अख्तर
हमसे दिलचस्प कभी सच्चे नहीं होते है - जावेद अख्तर

जावेद अख्तर साहब को जन्मदिन मुबारक हो  हमसे दिलचस्प कभी सच्चे नहीं होते है अच्छे लगते है मगर अच्छे नहीं होते है चाँद में दुनिया और बुज...

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दूसरा बनवास - कैफ़ी आज़मी
दूसरा बनवास - कैफ़ी आज़मी

राम बनवास से जब लौट के घर में आये याद जंगल बहुत आया जो नगर में आये रक्से दीवानगी आंगन में जो देखा होगा छह दिसंबर को श्री राम ने सोचा हो...

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बदन चुराते हुए रूह में समाया कर- साक़ी फ़ारुक़ी
बदन चुराते हुए रूह में समाया कर- साक़ी फ़ारुक़ी

बदन चुराते हुए रूह में समाया कर मैं अपनी धूप में सोया हुआ हूँ साया कर ये और बात कि दिल में घना अंधेरा है मगर ज़बान से तो चांदनी लुटाया ...

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थोडी देर साथ चलो – अहमद फ़राज़
थोडी देर साथ चलो – अहमद फ़राज़

कठिन है राह गुज़र, थोडी देर साथ चलो बहुत कडा है सफर, थोडी देर साथ चलो तमाम उम्र कहां कोइ साथ देता है ये जानता हुं मगर, थोडी देर साथ चलो...

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साल की आख़िरी रात- ज़िया फ़तेहाबादी
साल की आख़िरी रात- ज़िया फ़तेहाबादी

नया  साल 2016 आने वाला है इस मौके पर पेश है मेहर लाल सोनी जिया फतेहाबादी साहब की एक नज्म साल की आख...

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