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मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है - सय्यद ज़मीर जाफ़री
मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है - सय्यद ज़मीर जाफ़री

पकिस्तान के मशहूर शायर ज़मीर जाफरी साहब आज ही के इस दुनिया को अलविदा कह गए थे आज उनकी एक मशहूर ग़ज़ल पेश है :- मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है ...

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माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है - आतिश इंदौरी
माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है - आतिश इंदौरी

माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है झोपडी हो या क़िला तब कही घर होता है तर बतर कोई दुआओं से अगर होता है हर किसी के लिए वो शख्स शज़र हो...

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अम्मा - आलोक श्रीवास्तव
अम्मा - आलोक श्रीवास्तव

चिंतन दर्शन जीवन सर्जन, रूह नज़र पर छाई अम्मा सारे घर का शोर शराबा, सूनापन तनहाई अम्मा उसने खुद़ को खोकर मुझमें, एक नया आकार लिया है...

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मज़दूर की अज़मत  - मुज़फ्फर हनफ़ी
मज़दूर की अज़मत - मुज़फ्फर हनफ़ी

तेल निकालें रेत से ये ग़ल्ला बंजर खेत से ये ये तो हरफन मौला हैं आठूं गाँठ कमीत से ये बेशक दुनिया क़ायम हे मज़दूरों की मेहनत पर ...

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इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं - इरतज़ा निशात
इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं - इरतज़ा निशात

इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं इन्हें बदल दो, ये रहनुमा सब सड़े हुए हैं हम और दुश्मन वतन के? फिरकापरस्त गुंडो! ये सारे क़िस्से...

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आज के दौर में ऐसा भी तो होता है बहुत - साजिद हाश्मी
आज के दौर में ऐसा भी तो होता है बहुत - साजिद हाश्मी

साजिद हाश्मी आपका जन्म 7 जनवरी 1955 को राजगढ़, ब्यावरा, म.प्र. में मुहम्मद हयात हाश्मी के यहाँ हुआ | आप वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन के रा...

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