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मत पूछो कितना गमगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी - जाँन एलिया
मत पूछो कितना गमगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी - जाँन एलिया

मत पूछो कितना गमगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी ज्यादा मै तुमको याद नहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी अपने किनारों से कह दीजो आंसू तुमको रोते है ...

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तुम अपनी खुदनुमाई की शौहरत के चाव में-  रईस फिगार
तुम अपनी खुदनुमाई की शौहरत के चाव में- रईस फिगार

तुम अपनी खुदनुमाई की शौहरत के चाव में। डालो न अपने हाथ को जलते अलाव में।। लहजा भी भूल बैठा है वो गुफ्तुगू का अब। लगता है जी रहा है वो भ...

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मेरे रश्क-ए-क़मर तुने पहली नज़र - फ़ना बुलंद शहरी
मेरे रश्क-ए-क़मर तुने पहली नज़र - फ़ना बुलंद शहरी

" मेरे रश्क-ऐ-कमर तेरी पहली नज़र " यह गीत या असल में यूँ कहे ग़ज़ल आपने जरुर सुनी होगी और कानो में इसकी धून आते ही गुनगुनाई भी होगी |...

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हद से ज्यादा भी प्यार मत करना - कमर एजाज़
हद से ज्यादा भी प्यार मत करना - कमर एजाज़

हद से ज्यादा भी प्यार मत करना दिल हर एक पे निसार मत करना क्या खबर किस जगह पे रुक जाये सास का एतबार मत करना आईने की नज़र न लग जाये इस ...

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सोच रहा है इतना क्यूँ   - शाहीद कमाल
सोच रहा है इतना क्यूँ - शाहीद कमाल

सोच रहा है इतना क्यूँ ऐ दस्त-ए-बे-ताख़ीर निकाल तू ने अपने तरकश में जो रक्खा है वो तीर निकाल जिस का कुछ अंजाम नहीं वो जंग है दो नक़्क़...

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समझता हूँ मैं सब कुछ सिर्फ़ समझाना नहीं आता - अख्तर अंसारी
समझता हूँ मैं सब कुछ सिर्फ़ समझाना नहीं आता - अख्तर अंसारी

समझता हूँ मैं सब कुछ सिर्फ़ समझाना नहीं आता तड़पता हूँ मगर औरों को तड़पाना नहीं आता ये जमुना की हसीं आवाज क्यूँ अर्गन बजाती हैं मुझे...

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