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जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया - रमेश तैलंग
जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया - रमेश तैलंग

जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया.. खाली हथेली पर दुआ का सिक्का धर दिया। कब तक निभाते दुश्मनी हम वक्त से हर दिन इस बार जब मिला वो ...

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आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब - विरेन्द्र खरे अकेला
आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब - विरेन्द्र खरे अकेला

आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब दिल में न जाने कितने समाये हसीन ख़्वाब उस हादसे में यार सभी कुछ तो लुट गया मुश्किल से जैसे तैसे बचाये...

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कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो- राज़िक़ अंसारी
कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो- राज़िक़ अंसारी

कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो इश्क़ में इस दिल का यारब कुछ भी हो चारा साज़ों को नहीं कोई ग़रज़ दर्द बीमारों को मतलब कुछ भी हो हारने ...

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बिन साजन के सावन कैसा - धर्मेन्द्र राजमंगल
बिन साजन के सावन कैसा - धर्मेन्द्र राजमंगल

बारिश की बूंदों से जलती हीय में मेरे आज सुलगती पीपल के पत्तो की फडफड, जैसे दिल की धडकन धडधड चूल्हे पर चढ़ गयी कढाई, दूर हुई दिल की तन्हाई ...

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चाँद में इतनी जुर्रत कहाँ है - आतिफ
चाँद में इतनी जुर्रत कहाँ है - आतिफ

सामने हों गर आँखे तेरी तो समन्दर की ज़रूरत कहाँ है लिपटी हो मेरे सीने से तू तो फिर कोई और हसरत कहाँ है ढूँढता फिर रहा था जिस जन्नत को इ...

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ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते - शकुंतला सरुपरिया
ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते - शकुंतला सरुपरिया

ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते जो उड़ना चाहें अंबर पे, तो अपने पर नहीं होते आंसू दौलत, डाक बैरंग, बंजारन-सी जिंदगानी सिवा ...

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