धूप पर शायरी

धूप पर शायरी

SHARE:

धूप पर शायरी अपनी उदास धूप तो घर-घर चली गयी ये रोशनी लक़ीर के बाहर चली गयी - बशीर बद्र अपनी क़िस्मत में लिखी थी धूप की नाराज़गी साया-ए-दीवार था लेकिन

धूप पर शायरी

शायरी ने लगभग हर शब्द और भावना को अपने शब्दों में पिरोया है और उन पर शायरों ने अपने-अपने हिसाब से लिखा है या उन शब्दों को लेकर किसी और तरफ निशाना साधा है | आप सभी के लिए पेश है धुप पर बेहतरीन शेर का संकलन |



अपनी उदास धूप तो घर-घर चली गयी
ये रोशनी लक़ीर के बाहर चली गयी
- बशीर बद्र



अपनी क़िस्मत में लिखी थी धूप की नाराज़गी
साया-ए-दीवार था लेकिन पस-ए-दीवार था
- राहत इंदौरी



अपने साए को इतना समझाने दे
मुझ तक मेरे हिस्से की धूप आने दे
- वसीम बरेलवी



अब 'इंशा'-जी को बुलाना क्या अब प्यार के दीप जलाना क्या
जब धूप और छाया एक से हों जब दिन और रात बराबर हो
- इब्न-ए-इंशा



अब की सर्दी में कहाँ है वो अलाव सीना
अब की सर्दी में मुझे ख़ुद को जलाना होगा
- नईम सरमद



अब शहर-ए-आरज़ू में वो रानाइयाँ कहाँ
हैं गुल-कदे निढाल बड़ी तेज़ धूप है
- साग़र सिद्दीक़ी



अभी अभी थी धूप, बरसने लगा कहाँ से यह पानी
किसने फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
- सुभद्रा कुमारी चौहान



अभी तक जिस को अपनाया नहीं था
वो सिर्फ़ इक धूप थी साया नहीं था
- रज़ा अमरोहवी



'अल्वी' ये मो'जिज़ा है दिसम्बर की धूप का
सारे मकान शहर के धोए हुए से हैं
- मोहम्मद अल्वी



आँखों में चुभ रही है गुज़रती रुतों की धूप
जल्वा दिखाए अब तो नए मौसमों की धूप
- नासिर ज़ैदी



आग ओढ़े था मगर बाँट रहा था साया
धूप के शहर में इक तन्हा शजर ऐसा था
- राहत इंदौरी



आज कुछ ऐसे शोले भड़के बारिश के हर क़तरे से
धूप पनाहें माँग रही है भीगे हुए दरख़्तों में
- कैफ़ अहमद सिद्दीकी



इक ख़्वाब-गूँ सी धूप थी ज़ख़्मों की आँच में
इक साएबाँ सा दर्द की पुरवाइयों में था
- अदा जाफ़री



इक चील एक मुम्टी पे बैठी है धूप में
गलियाँ उजड़ गई हैं मगर पासबाँ तो है
- मुनीर नियाज़ी



इक धूप से उलझा हुआ साया है कि मैं हूँ
इक शाम के होने का भरोसा है कि तुम हो
- अहमद सलमान



इक नई धूप में फिर अपना सफ़र जारी है
वो घना साया फ़क़त तिफ़्ल-ए-तसल्ली निकला
- साक़ी फ़ारुक़ी



इक पटरी पर सर्दी में अपनी तक़दीर को रोए
दूजा ज़ुल्फ़ों की छाँव में सुख की सेज पे सोए
- हबीब जालिब



इक बार जिसे चाट गई धूप की ख़्वाहिश
फिर शाख़ पे उस फूल को खिलते नहीं देखा
- परवीन शाकिर



इन ठिठुरती उँगलियों को इस लपट पर सेंक लो
धूप अब घर की किसी दीवार पर होगी नहीं
- दुष्यंत कुमार



इस उफुक् से उस उफूक तक धूप मेरी मुमल्कत
तेरे क़ब्जे में बस एक साए का टुकड़ा रह गया
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



इस कड़ी धूप में साया कर के
तू कहाँ है मुझे तन्हा कर के
- नसीर तुराबी



इस दश्त-ए-सुख़न में कोई क्या फूल खिलाए
चमकी जो ज़रा धूप तो जलने लगे साए
- हिमायत अली शाएर



इस बार इंतिज़ाम तो सर्दी का हो गया
क्या हाल पेड़ कटते ही बस्ती का हो गया
- नोमान शौक़



इस रूमाल को काम में लाओ अपनी पलकें साफ़ करो
मैला मैला चाँद नहीं है धूल जमी है आँखों में
- बशीर बद्र



उठो कि ओस की बूँदें जगा रही हैं तुम्हें
चलो कि धूप दरीचों में आ के बैठ गई
- मुनव्वर राना



उड़ गया तो शाख़ का सारा बदन जलने लगा
धूप रख ली थी परिंदे ने परों के दरमियाँ
- बशीर फ़ारूक़ी



उन से मिलने का बहाना नहीं मिलता कोई
धूप ही मिलती है साया नहीं मिलता कोई
- सिद्धार्थ सैनी साद



उस के जमाल का था दिन मेरा वजूद और फिर
सुब्ह से धूप भी गई रात से चाँदनी गई
- जौन एलिया



उस को ज़ख़्म मिले दुनिया में जिस ने माँगे ताज़ा फूल
जिस ने चाही छाँव की छतरी उस के सर पर छाई धूप
- नौबहार साबिर



उस को भी मेरी तरह अपनी वफ़ा पर था यक़ीं
वो भी शायद इसी धोके में मिला था मुझ को
- भारत भूषण पन्त



उस ज़ाविए से देखिए आईना-ए-हयात
जिस ज़ाविए से मैं ने लगाया है धूप में
- ताहिर फ़राज़



उस नार में ऐसा रूप न था जिस रूप से दिन की धूप दबे
इस शहर में क्या क्या गोरी है महताब-रुख़े गुलनार-लबे
- इब्न-ए-इंशा



ए मिरे हम-सफ़रो तुम भी थके-हारे हो
धूप की तुम तो मिलावट न करो छाँव में
- क़तील शिफ़ाई



एक बच्चा डगमगा कर गिर पड़ा
धूप सुखलाती रही पर लान पर
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



ऐ दोपहर की धूप बता क्या जवाब दूँ
दीवार पूछती है कि साया किधर गया
- उम्मीद फ़ाज़ली



कब तलक यूँ धूप छाँव का तमाशा देखना
धूप में फिरना घने पेड़ों का साया देखना
- अनवर मसूद



कब धूप चली शाम ढली किस को ख़बर है
इक उम्र से मैं अपने ही साए में खड़ा हूँ
- अख़्तर होशियारपुरी



कब धूप चली शाम ढली किस को ख़बर है
इक उम्र से मैं अपने ही साए में खड़ा हूँ
- अख़्तर होशियारपुरी




कभी दहकती कभी महकती कभी मचलती आई धूप
हर मौसम में आँगन आँगन रूप बदल कर छाई धूप
- नौबहार साबिर



कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा
होता रहता है यूँ ही क़र्ज़ बराबर मेरा
- अतहर नफ़ीस



कमरे में आ के बैठ गई धूप मेज़ पर
बच्चों ने खिलखिला के मुझे भी जगा दिया
- फ़ज़्ल ताबिश



कहीं छाँव है कहीं धूप है कहीं और ही कोई रूप है
कई चेहरे इस में छुपे हुए इक अजीब सी ये नक़ाब है
- राजेश रेड्डी



कहीं पे धूप की चादर बिछा के बैठ गए
कहीं पे शाम सिरहाने लगा के बैठ गए
- दुष्यंत कुमार



कारवाँ गुज़र गया ग़ुबार देखते रहे
नींद भी खुली न थी कि हाए धूप ढल गई
- गोपालदास नीरज



किस तरह कोई धूप में पिघले है जले है
ये बात वो क्या जाने जो साए में पले है
- कलीम आजिज़



किस ने सहरा में मिरे वास्ते रक्खी है ये छाँव
धूप रोके है मिरा चाहने वाला कैसा
- ज़ेब ग़ौरी



किसी की याद से इस उम्र में दिल की मुलाक़ातें
ठिठुरती शाम में इक धूप का कोना ज़रूरी है
- शोएब बिन अज़ीज़



किसी ज़ुल्फ़ को सदा दो किसी आँख को पुकारो
बड़ी धूप पड़ रही है कोई साएबाँ नहीं है
- मुस्तफ़ा ज़ैदी



कुछ अब के धूप का ऐसा मिज़ाज बिगड़ा है
दरख़्त भी तो यहाँ साएबान माँगते हैं
- मंज़ूर हाशमी



कुछ देर किसी ज़ुल्फ़ के साए में ठहर जाएँ
'क़ाबिल' ग़म-ए-दौराँ की अभी धूप कड़ी है
- क़ाबिल अजमेरी



कुछ पेड़ भी बे-फ़ैज़ हैं इस राहगुज़र के
कुछ धूप भी ऐसी है कि साया नहीं होता
- फ़रहत एहसास



कैसा मौसम है कुछ नहीं खुलता
बूँदा-बाँदी भी धूप भी है अभी
- अहमद फ़राज़



कोई तस्वीर मुकम्मल नहीं होने पाती
धूप देते हैं तो साया नहीं रहने देते
- अहमद मुश्ताक़



कोई तस्वीर मुकम्मल नहीं होने पाती
धूप देते हैं तो साया नहीं रहने देते
- अहमद मुश्ताक़



कोई नग़्मा धूप के गाँव सा कोई नग़्मा शाम की छाँव सा
ज़रा इन परिंदों से पूछना ये कलाम किस का कलाम है
- बशीर बद्र



कोई फूल धूप की पत्तियों में हरे रिबन से बँधा हुआ
वो ग़ज़ल का लहजा नया नया न कहा हुआ न सुना हुआ
- बशीर बद्र



कोई हे जो बिछा दे धूप को उस पार ले जा कर
उठा तो लाए हैं उस पार तक हम से नहीं उठती
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



कौन जाने कि उड़ती हुई धूप भी
किस तरफ़ कौन सी मंज़िलों में गई
- किश्वर नाहीद



ख़्वाब आईने हैं आँखों में लिए फिरते हो
धूप में चमकेंगे टूटेंगे तो चुभ जाएँगे
- बशीर बद्र



ख़्वाब-गाहों से निकलते हुए डरते क्यूँ हो
धूप इतनी तो नहीं है कि पिघल जाओगे
- इक़बाल अज़ीम



ग़म का सूरज तो डूबता ही नहीं
धूप ही धूप है किधर जाएँ
- सरफ़राज़ दानिश



ग़म लगे रहते हैं हर आन ख़ुशी के पीछे
दुश्मनी धूप की है साया-ए-दीवार के साथ
- क़तील शिफ़ाई



गहरी सोचें लम्बे दिन और छोटी रातें
वक़्त से पहले धूप सरों पे आ पहुँची
- आनिस मुईन



ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप
क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद
- कैफ़ी आज़मी



घर में गुंजाईश ही कब थी पर फैलाने की
दरवाज़े से लौट गईं शर्मिंदा हो कर धूप
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



चकरा के गिर न जाऊँ मैं इस तेज़ धूप में
मुझ को ज़रा संभाल बड़ी तेज़ धूप है
- साग़र सिद्दीक़ी



चढ़ते ही धूप शहर के खुल जाएँगे किवाड़
जिस्मों का रहगुज़ार रवानी में आएगा
- इक़बाल साजिद



चले जो धूप में मंज़िल थी उन की
हमें तो खा गया साया शजर का
- उमर अंसारी



चलो धूप से आशनाई करें
ये दीवार का आसरा ठीक नहीं
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



चाँदनी देख के चेहरे को छुपाने वाले
धूप में बैठ के अब बाल सुखाता क्या है
- शहज़ाद अहमद



चांद चीखा रात पागल हो गई है
धूप का गजरा लगाना चाहती है
- संदीप ठाकुर



चेहरों की धूप आँखों की गहराई ले गया
आईना सारे शहर की बीनाई ले गया
- राहत इंदौरी



छटा जहाँ से उस आवाज़ का घना बादल
वहीं से धूप ने तलवे जलाए हैं क्या क्या
- कैफ़ी आज़मी



छत से उस की धूप के नेज़े आते हैं
जब आँगन में छाँव हमारी रहती है
- राहत इंदौरी



छाँव की शक्ल धूप की रंगत बदल गई
अब के वो लू चली है कि सूरत बदल गई
- फ़ारूक़ शफ़क़



छाँव में रख के ही पूजा करो ये मोम के बुत
धूप में अच्छे भले नक़्श बिगड़ जाते हैं
- निदा फ़ाज़ली



जगह जगह सील के ये धब्बे ये सर्द बिस्तर
हमारे कमरे से धूप की बे-रुख़ी तो देखो
- शारिक़ कैफ़ी



जब सफ़र की धूप में मुरझा के हम दो पल रुके
एक तन्हा पेड़ था मेरी तरह जलता हुआ
- वहाब दानिश



जब हिज्र के शहर में धूप उतरी मैं जाग पड़ा तो ख़्वाब हुआ
मिरी सोच ख़िज़ाँ की शाख़ बनी तिरा चेहरा और गुलाब हुआ
- मोहसिन नक़वी



ज़रा ये धूप ढल जाए तो उन का हाल पूछेंगे
यहाँ कुछ साए अपने आप को पैकर बताते हैं
- ख़ुशबीर सिंह शाद



ज़र्द गुलाब और आईनों को चाहने वाली
ऐसी धूप और ऐसा सवेरा फिर नहीं होगा
- सरवत हुसैन



जहाँ डाले थे उस ने धूप में कपड़े सुखाने को
टपकती हैं अभी तक रस्सियाँ आहिस्ता आहिस्ता
- अहमद मुश्ताक़



जाती है धूप उजले परों को समेट के
ज़ख़्मों को अब गिनूँगा मैं बिस्तर पे लेट के
- शकेब जलाली



ज़ाविया धूप ने कुछ ऐसा बनाया है कि हम
साए को जिस्म की जुम्बिश से जुदा देखते हैं
- आसिम वास्ती



ज़िंदगी की ऐ कड़ी धूप बचा ले मुझ को
पीछे पीछे ये मिरे मौत का साया क्या है
- उबैदुल्लाह अलीम



ज़िंदगी की धूप में मुरझा गया मेरा शबाब
अब बहार आई तो क्या अब्र-ए-बहार आया तो क्या
- जौन एलिया



जिस दिन शहर जला था उस दिन धूप में कितनी तेज़ी थी
वर्ना इस बस्ती पर 'अंजुम' बादल रोज़ बरसता था
- अंजुम तराज़ी



जिस धूप की दिल में ठंडक थी वो धूप उसी के साथ गई
इन जलती बलती गलियों में अब ख़ाक उड़ाऊँ किस के लिए
- नासिर काज़मी



जिस्म का बोझ उठाए हुए चलते रहिए
धूप में बर्फ़ की मानिंद पिघलते रहिए
- मेराज फ़ैज़ाबादी



ज़ुल्फ़ ओ रुख़ के साए में ज़िंदगी गुज़ारी है
धूप भी हमारी है छाँव भी हमारी है
- मंज़र भोपाली



जो बादलों से भी मुझ को छुपाए रखता था
बढ़ी है धूप तो बे-साएबान छोड़ गया
- परवीन शाकिर



झुलस रहे हैं यहाँ छाँव बाँटने वाले
वो धूप है कि शजर इल्तिजाएँ करने लगे
- राहत इंदौरी



झूट पर उस के भरोसा कर लिया
धूप इतनी थी कि साया कर लिया
- शारिक़ कैफ़ी



टूटी दीवार का साया भी बहुत होता है
पाँव जल जाएँ अगर धूप में चलते चलते
- इक़बाल अज़ीम



तअ'ल्लुक़ात की गर्मी न ए'तिबार की धूप
झुलस रही है ज़माने को इंतिशार की धूप
- अली अब्बास उम्मीद



तन्हा हुआ सफ़र में तो मुझ पे खुला ये भेद
साए से प्यार धूप से नफ़रत उसे भी थी
- मोहसिन नक़वी



तमाशा ख़त्म हुआ धूप के मदारी का
सुनहरी साँप छुपे शाम के पिटारे में
- इक़बाल साजिद



तारीकियों ने ख़ुद को मिलाया है धूप में
साया जो शाम का नज़र आया है धूप में
- ताहिर फ़राज़



तिरे आने का दिन है तेरे रस्ते में बिछाने को
चमकती धूप में साए इकट्ठे कर रहा हूँ मैं
- अहमद मुश्ताक़



तिरे आने का दिन है तेरे रस्ते में बिछाने को
चमकती धूप में साए इकट्ठे कर रहा हूँ मैं
- अहमद मुश्ताक़



तुझे हम दोपहर की धूप में देखेंगे ऐ ग़ुंचे
अभी शबनम के रोने पर हँसी मालूम होती है
- शफ़ीक़ जौनपुरी



तुम को देखा तो ये ख़याल आया
ज़िंदगी धूप तुम घना साया
- जावेद अख़्तर



तुम तो सर्दी की हसीं धूप का चेहरा हो जिसे
देखते रहते हैं दीवार से जाते हुए हम
- नोमान शौक़



तुम्हारी ये अदा ऐसी हे जैसे धूप में बारिश
हमें पहचान भी लेते हो अनजानी भी करते हो
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



तुम्हारे क़द्र से अगर बढ़ रही हो परछाईं
समझ लो धूप का वक़्त-ए-ज़वाल होने लगा
- बेकल उत्साही



तुला है धूप बरसाने पे सूरज
शजर भी छतरियाँ ले कर खड़े हैं
- राहत इंदौरी



तेज़ धूप में आई ऐसी लहर सर्दी की
मोम का हर इक पुतला बच गया पिघलने से
- क़तील शिफ़ाई



दर्द की धूप से चेहरे को निखर जाना था
आइना देखने वाले तुझे मर जाना था
- नसीर तुराबी



दश्त की धूप है जंगल की घनी रातें हैं
इस कहानी में बहर हाल कई बातें हैं
- जावेद नासिर



दश्त-ए-वफ़ा में जल के न रह जाएँ अपने दिल
वो धूप है कि रंग हैं काले पड़े हुए
- होश तिर्मिज़ी



दिन भर तो मैं दुनिया के धंदों में खोया रहा
जब दीवारों से धूप ढली तुम याद आए
- नासिर काज़मी



दिन भर धूप की तरह से हम छाए रहते हैं दुनिया पर
रात हुई तो सिमट के आ जाते हैं दिल की गुफाओं में
- बशीर बद्र



दीवार उन के घर की मिरी धूप ले गई
ये बात भूलने में ज़माना लगा मुझे
- असग़र मेहदी होश



दीवार उन के घर की मिरी धूप ले गई
ये बात भूलने में ज़माना लगा मुझे
- होश जौनपुरी



दूर तक मिलता नहीं है उस में आशिक़ का वजूद
इश्क़ ऐसी धूप है जिस में कोई साया नहीं
- अर्पित शर्मा अर्पित



दो ही मौसम थे धूप या बारिश
छतरियों की दुकान चलती रही
- फ़हमी बदायूनी



दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए
वो तिरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है
- हसरत मोहानी



दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए
वो तिरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है
- हसरत मोहानी



धुप हूँ, साया-ए-दीदार से डर जाता हूँ
तुझसे मिलता हूँ तो कुछ और बिखर जाता हूँ
- जाजिब कुरैशी



धूप इतनी है बंद हुई जाती है आँख
और पलक झपकूँ तो मंज़र जाता है
- ज़ेब ग़ौरी



धूप और छाँव बाँट के तुम ने आँगन में दीवार चुनी
क्या इतना आसान है ज़िंदा रहना इस आसाइश पर
- गुलज़ार



धूप कहती ही रही मैं धूप हूँ मैं धूप हूँ
अपने साए पर भरोसा देखने की चीज़ थी
- लियाक़त अली आसिम



धूप की गरमी से ईंटें पक गईं फल पक गए
इक हमारा जिस्म था अख़्तर जो कच्चा रह गया
- अख़्तर होशियारपुरी



धूप की रुत में कोई छाँव उगाता कैसे
शाख़ फूटी थी कि हम-सायों में आरे निकले
- परवीन शाकिर



धूप के क़हर का डर है तो दयार-ए-शब से
सर-बरहना कोई परछाईं निकलती क्यूँ है
- शहरयार



धूप के दश्त में कितना वो हमें ढूँडता था
'ए'तिबार' उस के लिए अब्र की सूरत हम थे
- ऐतबार साजिद



धूप को हे ये निदामत कैसी
क्यों सिसकती हे घटा देखा जाए
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



धूप थी नसीब में धूप में लिया है दम
चाँदनी मिली तो हम चाँदनी में सो लिए
- मजरूह सुल्तानपुरी



धूप ने गुज़ारिश की
एक बूँद बारिश की
- मोहम्मद अल्वी



धूप ने गुज़ारिश की
एक बूँद बारिश की
- मोहम्मद अल्वी



धूप ने, जल ने, हवा ने किस तरह पाला इन्हें
इन दरख्तों की कहानी आँधियों को क्या पता
- ओमप्रकाश यती



धूप बढ़ते ही जुदा हो जाएगा
साया-ए-दीवार भी दीवार से
- बहराम तारिक़



धूप बढ़ते ही जुदा हो जाएगा
साया-ए-दीवार भी दीवार से
- बहराम तारिक़



धूप बोली कि मैं आबाई वतन हूँ तेरा
मैं ने फिर साया-ए-दीवार को ज़हमत नहीं दी
- फ़रहत एहसास



धूप मुझ को जो लिए फिरती है साए साए
है तो आवारा मगर ज़ेहन में घर रखती है
- ताहिर फ़राज़



धूप में कौन किसे याद किया करता है
पर तिरे शहर में बरसात तो होती होगी
- अमीर इमाम



धूप में दीवार ही काम आएगी
तेज़ बारिश का सहारा और है
- परवीन शाकिर



धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
- निदा फाजली



धूप में साया बने तन्हा खड़े होते हैं
बड़े लोगों के ख़सारे भी बड़े होते हैं
- अज़हर फ़राग़



धूप से चेहरों ने दुनिया में
क्या अंधेर मचा रक्खा है
- नासिर काज़मी



धूप हालात की हो तेज़ तो और क्या माँगो
किसी दामन की हवा ज़ुल्फ़ का साया माँगो
- आसी रामनगरी



धूप ही धूप हूँ मैं टूट के बरसो मुझ पर
इस क़दर बरसो मिरी रूह में जल-थल कर दो
- वसी शाह



नक़ाब-ए-रुख़ उठाया जा रहा है
वो निकली धूप साया जा रहा है
- माहिर-उल क़ादरी



नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में
उजाले पाँव पटकने लगे हैं पानी में
- राहत इंदौरी



नश्शा तो मौत है ग़म-ए-हस्ती की धूप में
बिखरा के ज़ुल्फ़ साथ चलो मैं नशे में हूँ
- साग़र सिद्दीक़ी



निगाह-ए-नाज़ कुछ उन की भी है ख़बर तुझ को
जो धूप में हैं मगर बदलियाँ बनाते हैं
- अहमद मुश्ताक़



नींद टूटी है तो एहसास-ए-ज़ियाँ भी जागा
धूप दीवार से आँगन में उतर आई है
- सरशार सिद्दीक़ी



पलकों पे कच्ची नींदों का रस फैलता हो जब
ऐसे में आँख धूप के रुख़ कैसे खोलिए
- परवीन शाकिर



पानी ने जिसे धूप की मिट्टी से बनाया
वो दाएरा-ए-रब्त बिगड़ने के लिए था
- हनीफ़ तरीन



फिर याद बहुत आएगी ज़ुल्फ़ों की घनी शाम
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा
- बशीर बद्र



फिर याद बहुत आएगी ज़ुल्फ़ों की घनी शाम
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा
- बशीर बद्र



फैलती धूप का है रूप लड़कपन का उठान
दोपहर ढलते ही उतरेगा ये चढ़ता पानी
- आरज़ू लखनवी



बंद कमरे खोल कर सच्चाइयाँ रहने लगीं
ख़्वाब कच्ची धूप थे दालान में रक्खे रहे
- राहत इंदौरी



बदन चुराते हुए रूह में समाया कर
मैं अपनी धूप में सोया हुआ हूँ साया कर
- साक़ी फ़ारुक़ी



बदल जाएगा सब कुछ बादलों से धूप चटख़ेगी
बुझी आँखों में कोई ख़्वाब जलते मैंने देखा है
- आलोक श्रीवास्तव



बनाओ साए हरारत बदन में जज़्ब करो
कि धूप सह्न में कब से यूँही पड़ी हुई है
- इरफ़ान सत्तार



बस्ती बस्ती पर्बत पर्बत वहशत की है धूप 'ज़िया'
चारों जानिब वीरानी है दिल का इक वीराना क्या
- अहमद ज़िया



बाहर का धन आता जाता अस्ल ख़ज़ाना घर में है
हर धूप में जो मुझे साया दे वो सच्चा साया घर में है
- उबैदुल्लाह अलीम



बूढ़े बाजू टूट चुके थे घर का चूल्हा ठंडा था
आंगन में देखा तो बैठी कांप रही थी थर थर धूप
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मरकज़ पे अपने धूप सिमटती है जिस तरह
यूँ रफ़्ता रफ़्ता तेरे क़रीब आ रहा हूँ मैं
- सीमाब अकबराबादी



मिरे साए में उस का नक़्श-ए-पा है
बड़ा एहसान मुझ पर धूप का है
- फ़हमी बदायूनी



मिरे साए में उस का नक़्श-ए-पा है
बड़ा एहसान मुझ पर धूप का है
- फ़हमी बदायूनी



मिरे साथ चलने के शौक़ में बड़ी धूप सर पे उठाएगा
तिरा नाक नक़्शा है मोम का कहीं ग़म की आग घुला न दे
- बशीर बद्र



मुझे अपने रूप की धूप दो कि चमक सकें मिरे ख़ाल-ओ-ख़द
मुझे अपने रंग में रंग दो मिरे सारे रंग उतार दो
- ऐतबार साजिद



मुझे नवम्बर की धूप की तरह मत चाहो
कि इस में डूबो तो तमाज़त में नहा जाओ
- किश्वर नाहीद



मुद्दत से इक लड़की के रुख़्सार की धूप नहीं आई
इस लिए मेरे कमरे में इतनी ठंडक रहती है
- बशीर बद्र



मुबारक तुम्हें पर्चम वो तख्तों ताज
मेरी धूप और बोरिया छोड़ दो
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मुसलसल धूप में चलना चराग़ों की तरह जलना
ये हंगामे तो मुझ को वक़्त से पहले थका देंगे
- अनवर जलालाबादी



मुसाफिरों के लिए छांव अपने सिर पर धूप
यहां भी कौन सा आराम है शजर बन कर
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



में मुसाफ़िर नवाज़ों का मारा हुआ
बीज बोता रहा उम्र भर धूप में
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मेज पर खेलता हुआ बच्चा
धूप निकली तो लान पर आया
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मेज़ पर गेंद खेलता बच्चा
धूप निकली तो लॉन पर आया
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मेरे पड़ोस की सब खिड़कियां चुनी जाएं
ज़रा सी धूप अगर मेरे घर में आ जाए
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



मैं धूप में जल के इतना काला नहीं हुआ था
कि जितना इस रात मैं सुलग के सियह हुआ हूँ
- गुलज़ार



मैं ने ऐ सूरज तुझे पूजा नहीं समझा तो है
मेरे हिस्से में भी थोड़ी धूप आनी चाहिए
- राहत इंदौरी



मैं बहुत ख़ुश था कड़ी धूप के सन्नाटे में
क्यूँ तिरी याद का बादल मिरे सर पर आया
- अहमद मुश्ताक़



मैं बारिशों में बहुत भीगता रहा 'आबिद'
सुलगती धूप में इक छत बहुत ज़रूरी है
- आबिद वदूद



यह धूप तो धोखे से चली आई है उस को
दोबारा मेरे घर में दिखाई नहीं देना
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



यहाँ दरख़्तों के साए में धूप लगती है
चलें यहाँ से चलें और उम्र भर के लिए
- दुष्यंत कुमार



याद की धूप तो है रोज़ की बात
हाँ मुझे चाँदनी से ख़तरा है
- जौन एलिया



यूँ किस तरह कटेगा कड़ी धूप का सफ़र
सर पर ख़याल-ए-यार की चादर ही ले चलें
- नासिर काज़मी



ये इंतिक़ाम है या एहतिजाज है क्या है
ये लोग धूप में क्यूँ हैं शजर के होते हुए
- हसीब सोज़



ये इंतिक़ाम है या एहतिजाज है क्या है
ये लोग धूप में क्यूँ हैं शजर के होते हुए
- हसीब सोज़



ये इक कमी कि जो अब ज़िंदगी सी लगती है
हमारी धूप में वो साएबान भी पड़ता
- अभिषेक शुक्ला



ये कह के दिल ने मिरे हौसले बढ़ाए हैं
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साए हैं
- माहिर-उल क़ादरी



ये क्या कि रोज़ वही चाँदनी का बिस्तर हो
कभी तो धूप की चादर बिछा के सो लेते
- बशीर बद्र



ये धूप तो हर रुख़ से परेशान करेगी
क्यूँ ढूँड रहे हो किसी दीवार का साया
- अतहर नफ़ीस



ये धूप तो हर रुख़ से परेशान करेगी
क्यूँ ढूँड रहे हो किसी दीवार का साया
- अतहर नफ़ीस



रस्ता भी कठिन धूप में शिद्दत भी बहुत थी
साए से मगर उस को मोहब्बत भी बहुत थी
- परवीन शाकिर



रहा जो धूप में सर पर मिरे वही आँचल
हवा चली है तो कितना बदलता जाता है
- नोशी गिलानी



रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में
- गुलज़ार



रोज़ जब धूप पहाड़ों से उतरने लगती
कोई घटता हुआ बढ़ता हुआ बेकल साया
- अहमद फ़राज़



लगी रहती है अश्कों की झड़ी गर्मी हो सर्दी हो
नहीं रुकती कभी बरसात जब से तुम नहीं आए
- अनवर शऊर



लफ़्ज़ तो लफ़्ज़ यहाँ धूप निकल आती है
तेरी आवाज़ की बारिश में नहाने के लिए
- अब्बास ताबिश



लहू रुलाएगा वो धूप छाँव का मंज़र
नज़र उठाऊँगा जिस सम्त झुटपुटा होगा
- रियाज़ मजीद



लोग पीपल के दरख़्तों को ख़ुदा कहने लगे
मैं ज़रा धूप से बचने को इधर आया था
- राहत इंदौरी



वक़्त की धूप में तुम्हारे लिए
शजर-ए-साया-दार थे हम तो
- जौन एलिया



वर्ना धूप का पर्बत किस से कटता था
उस ने छतरी खोल के रस्ते खोले हैं
- तहज़ीब हाफ़ी



वो और होंगे जो कार-ए-हवस पे ज़िंदा हैं
मैं उस की धूप से साया बदल के आया हूँ
- अकबर मासूम



वो ज़ुल्फ़ धूप में फ़ुर्क़त की आई है जब याद
तो बादल आए हैं और शामियाने हो गए हैं
- जौन एलिया



वो तपिश है कि जल उठे साए
धूप रक्खी थी साएबान में क्या
- ख़ालिदा उज़्मा



वो धूप के छप्पर हों या छाँव की दीवारें
अब जो भी उठाएँगे मिल जुल के उठाएँगे
- बशीर बद्र



वो फ़ासला था दुआ और मुस्तजाबी में
कि धूप माँगने जाते तो अब्र आ जाता
- परवीन शाकिर



वो मुझ को आज़मा के कड़ी धूप में रहा
मुझ को ख़िज़ाँ बहार लगी इम्तिहान की
- अशोक मिज़ाज



वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था
साए फैला के शजर क्या करते
- परवीन शाकिर



वो सर्दियों की धूप की तरह ग़ुरूब हो गया
लिपट रही है याद जिस्म से लिहाफ़ की तरह
- मुसव्विर सब्ज़वारी



वो सर्दियों की धूप की तरह ग़ुरूब हो गया
लिपट रही है याद जिस्म से लिहाफ़ की तरह
- मुसव्विर सब्ज़वारी



वो हम-सफ़र था मगर उस से हम-नवाई न थी
कि धूप छाँव का आलम रहा जुदाई न थी
- नसीर तुराबी



शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा
सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है
- शकील जमाली



शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा
सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है
- शकील जमाली



शदीद धूप में सारे दरख़्त सूख गए
बस इक दुआ का शजर था जो बे-समर न हुआ
- अलीना इतरत



शबनमी में धूप की जैसे वतन का ख़्वाब था
लोग ये समझे मैं सब्ज़े पर पड़ा सोता रहा
- बशीर बद्र



शाख़ पर शब की लगे इस चाँद में है धूप जो
वो मिरी आँखों की है सो वो समर मेरा भी है
- स्वप्निल तिवारी



शौक़ चढ़ती धूप जाता वक़्त घटती छाँव है
बा-वफ़ा जो आज हैं कल बे-वफ़ा हो जाएँगे
- आरज़ू लखनवी



सड़कें तमाम धूप से अंगारा हो गईं
अंधी हवाएँ चलती हैं इन पर बरहना-पा
- आदिल मंसूरी



सदियाँ जिन में ज़िंदा हों वो सच भी मरने लगते हैं
धूप आँखों तक आ जाए तो ख़्वाब बिखरने लगते हैं
- अमजद इस्लाम अमजद



सदियों से इंसान ये सुनता आया है
दुख की धूप के आगे सुख का साया है
- साहिर लुधियानवी



सफ़र की धूप में चेहरे सुनहरे कर लिए हम ने
वो अंदेशे थे रंग आँखों के गहरे कर लिए हम ने
- साक़ी फ़ारुक़ी



सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
- निदा फ़ाज़ली



सफ़र में सोचते रहते हैं छाँव आए कहीं
ये धूप सारा समुंदर ही पी न जाए कहीं
- मोहम्मद अल्वी



सभी का धूप से बचने को सर नहीं होता
हर आदमी के मुक़द्दर में घर नहीं होता
- वसीम बरेलवी



साए अपने साथ ले आते हैं आलाइश बहुत
हम ने घर में धूप की रखी है गुंजाइश बहुत
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



सारा दिन तपते सूरज की गर्मी में जलते रहे
ठंडी ठंडी हवा फिर चली सो रहो सो रहो
- नासिर काज़मी



सुंदर कोमल सपनों की बारात गुज़र गई जानाँ
धूप आँखों तक आ पहुँची है रात गुज़र गई जानाँ
- परवीन शाकिर



हम को दिल ने नहीं हालात ने नज़दीक किया
धूप में दूर से हर शख़्स शजर लगता है
- अब्बास ताबिश



हम ख़ुश हैं हमें धूप विरासत में मिली है
अज्दाद कहीं पेड़ भी कुछ बो गए होते
- शहरयार



हम तिरे साए में कुछ देर ठहरते कैसे
हम को जब धूप से वहशत नहीं करनी आई
- आबिदा करामत



हम ने धूप का हाथ न छोड़ा
छांव बिछी थी बिस्तर जैसी
- मुज़फ़्फ़र हनफ़ी



हम फ़क़ीरों का पैरहन है धूप
और ये रात अपनी चादर है
- आबिद वदूद



हमारे मुँह पे उस ने आइने से धूप तक फेंकी
अभी तक हम समझ कर उस को बच्चा छोड़ देते हैं
- मोहम्मद आज़म



हमें जला नहीं सकती है धूप हिजरत की
हमारे सर पे ज़रूरत का शामियाना है
- सय्यद सरोश आसिफ़



हर आँगन में आए तेरे उजले रूप की धूप
छैल-छबेली रानी थोड़ा घूँघट और निकाल
- क़तील शिफ़ाई



हर तरफ़ धूप की चादर को बिछाने वाला
काम पर निकला है दुनिया को जगाने वाला
- साजिद प्रेमी



हाल पूछा न करे हाथ मिलाया न करे
मैं इसी धूप में ख़ुश हूँ कोई साया न करे
- काशिफ़ हुसैन ग़ाएर



हिज्र की धूप में छाओं जैसी बातें करते हैं
आँसू भी तो माओं जैसी बातें करते हैं
- इफ़्तिख़ार आरिफ़



होंटों पे हँसी की धूप खिले माथे पे ख़ुशी का ताज रहे
कभी जिस की जोत न हो फीकी तुझे ऐसा रूप-सिंघार मिले
- साहिर लुधियानवी

COMMENTS

BLOGGER
Name

a-r-azad,1,aadil-rasheed,1,aaina,4,aalam-khurshid,2,aale-ahmad-suroor,1,aam,1,aanis-moin,6,aankhe,4,aansu,1,aas-azimabadi,1,aashmin-kaur,1,aashufta-changezi,1,aatif,1,aatish-indori,6,aawaz,4,abbas-ali-dana,1,abbas-tabish,1,abdul-ahad-saaz,4,abdul-hameed-adam,4,abdul-malik-khan,1,abdul-qavi-desnavi,1,abhishek-kumar,1,abhishek-kumar-ambar,5,abid-ali-abid,1,abid-husain-abid,1,abrar-danish,1,abrar-kiratpuri,3,abu-talib,1,achal-deep-dubey,2,ada-jafri,2,adam-gondvi,11,adibi-maliganvi,1,adil-hayat,1,adil-lakhnavi,1,adnan-kafeel-darwesh,2,afsar-merathi,4,agyeya,5,ahmad-faraz,13,ahmad-hamdani,1,ahmad-hatib-siddiqi,1,ahmad-kamal-parwazi,3,ahmad-nadeem-qasmi,6,ahmad-nisar,3,ahmad-wasi,1,ahmaq-phaphoondvi,1,ajay-agyat,2,ajay-pandey-sahaab,3,ajmal-ajmali,1,ajmal-sultanpuri,1,akbar-allahabadi,6,akhtar-ansari,2,akhtar-lakhnvi,1,akhtar-nazmi,2,akhtar-shirani,7,akhtar-ul-iman,1,akib-javed,1,ala-chouhan-musafir,1,aleena-itrat,1,alhad-bikaneri,1,ali-sardar-jafri,6,alif-laila,63,allama-iqbal,10,alok-dhanwa,2,alok-shrivastav,9,alok-yadav,1,aman-akshar,2,aman-chandpuri,1,ameer-qazalbash,2,amir-meenai,3,amir-qazalbash,3,amn-lakhnavi,1,amrita-pritam,3,amritlal-nagar,1,aniruddh-sinha,2,anjum-rehbar,1,anjum-rumani,1,anjum-tarazi,1,anton-chekhav,1,anurag-sharma,3,anuvad,2,anwar-jalalabadi,2,anwar-jalalpuri,6,anwar-masud,1,anwar-shuoor,1,aqeel-nomani,2,armaan-khan,2,arpit-sharma-arpit,3,arsh-malsiyani,5,arthur-conan-doyle,1,article,58,arvind-gupta,1,arzoo-lakhnavi,1,asar-lakhnavi,1,asgar-gondvi,2,asgar-wajahat,1,asharani-vohra,1,ashok-anjum,1,ashok-babu-mahour,3,ashok-chakradhar,2,ashok-lal,1,ashok-mizaj,9,asim-wasti,1,aslam-allahabadi,1,aslam-kolsari,1,asrar-ul-haq-majaz-lakhnavi,10,atal-bihari-vajpayee,7,ataur-rahman-tariq,1,ateeq-allahabadi,1,athar-nafees,1,atul-ajnabi,3,atul-kannaujvi,1,audio-video,59,avanindra-bismil,1,ayodhya-singh-upadhyay-hariaudh,6,azad-gulati,2,azad-kanpuri,1,azhar-hashmi,1,azhar-iqbal,1,azhar-sabri,2,azharuddin-azhar,1,aziz-ansari,2,aziz-azad,2,aziz-bano-darab-wafa,1,aziz-qaisi,2,azm-bahjad,1,baba-nagarjun,4,bachpan,9,badnam-shayar,1,badr-wasti,1,badri-narayan,1,bahadur-shah-zafar,7,bahan,9,bal-kahani,5,bal-kavita,110,bal-sahitya,117,baljeet-singh-benaam,7,balkavi-bairagi,1,balmohan-pandey,1,balswaroop-rahi,4,baqar-mehandi,1,barish,16,bashar-nawaz,2,bashir-badr,27,basudeo-agarwal-naman,5,bedil-haidari,1,beena-goindi,1,behzad-lakhnavi,1,bekal-utsahi,7,bekhud-badayuni,1,betab-alipuri,2,bewafai,15,bhagwati-charan-verma,1,bhagwati-prasad-dwivedi,1,bhaichara,7,bharat-bhushan,1,bharat-bhushan-agrawal,1,bhartendu-harishchandra,3,bhawani-prasad-mishra,1,bhisham-sahni,1,bholenath,8,bimal-krishna-ashk,1,biography,38,birthday,4,bismil-allahabadi,1,bismil-azimabadi,1,bismil-bharatpuri,1,braj-narayan-chakbast,2,chaand,6,chai,15,chand-sheri,7,chandra-moradabadi,2,chandrabhan-kaifi-dehelvi,1,chandrakant-devtale,5,charagh-sharma,2,charkh-chinioti,1,charushila-mourya,3,chinmay-sharma,1,christmas,4,corona,6,d-c-jain,1,daagh-dehlvi,18,darvesh-bharti,1,daughter,16,deepak-mashal,1,deepak-purohit,1,deepawali,22,delhi,3,deshbhakti,43,devendra-arya,1,devendra-dev,23,devendra-gautam,7,devesh-dixit-dev,11,devesh-khabri,1,devi-prasad-mishra,1,devkinandan-shant,1,devotional,9,dharmveer-bharti,2,dhoop,14,dhruv-aklavya,1,dhumil,3,dikshit-dankauri,1,dil,146,dilawar-figar,1,dinesh-darpan,1,dinesh-kumar,1,dinesh-pandey-dinkar,1,dinesh-shukl,1,dohe,4,doodhnath-singh,3,dosti,28,dr-rakesh-joshi,2,dr-urmilesh,2,dua,1,dushyant-kumar,15,dwarika-prasad-maheshwari,6,dwijendra-dwij,1,ehsan-bin-danish,1,ehsan-saqib,1,eid,14,elizabeth-kurian-mona,5,faheem-jozi,1,fahmida-riaz,2,faiz-ahmad-faiz,18,faiz-ludhianvi,2,fana-buland-shehri,1,fana-nizami-kanpuri,1,fani-badayuni,2,farah-shahid,1,fareed-javed,1,fareed-khan,1,farhat-abbas-shah,1,farhat-ehsas,1,farooq-anjum,1,farooq-nazki,1,father,12,fatima-hasan,2,fauziya-rabab,1,fayyaz-gwaliyari,1,fayyaz-hashmi,1,fazal-tabish,1,fazil-jamili,1,fazlur-rahman-hashmi,10,fikr,4,filmy-shayari,9,firaq-gorakhpuri,8,firaq-jalalpuri,1,firdaus-khan,1,fursat,3,gajanan-madhav-muktibodh,5,gajendra-solanki,1,gamgin-dehlavi,1,gandhi,10,ganesh,2,ganesh-bihari-tarz,1,ganesh-gaikwad-aaghaz,1,ganesh-gorakhpuri,2,garmi,9,geet,2,ghalib-serial,1,gham,2,ghani-ejaz,1,ghazal,1218,ghazal-jafri,1,ghulam-hamdani-mushafi,1,girijakumar-mathur,2,golendra-patel,1,gopal-babu-sharma,1,gopal-krishna-saxena-pankaj,1,gopal-singh-nepali,1,gopaldas-neeraj,8,gopalram-gahmari,1,gopichand-shrinagar,2,gulzar,17,gurpreet-kafir,1,gyanendrapati,4,gyanprakash-vivek,2,habeeb-kaifi,1,habib-jalib,6,habib-tanveer,1,hafeez-jalandhari,3,hafeez-merathi,1,haidar-ali-aatish,5,haidar-ali-jafri,1,haidar-bayabani,2,hamd,1,hameed-jalandhari,1,hamidi-kashmiri,1,hanif-danish-indori,2,hanumant-sharma,1,hanumanth-naidu,2,harendra-singh-kushwah-ehsas,1,hariom-panwar,1,harishankar-parsai,7,harivansh-rai-bachchan,8,harshwardhan-prakash,1,hasan-abidi,1,hasan-naim,1,haseeb-soz,2,hashim-azimabadi,1,hashmat-kamal-pasha,1,hasrat-mohani,3,hastimal-hasti,5,hazal,2,heera-lal-falak-dehlvi,1,hilal-badayuni,1,himayat-ali-shayar,1,hindi,22,hiralal-nagar,2,holi,29,hukumat,19,humaira-rahat,1,ibne-insha,8,ibrahim-ashk,1,iftikhar-naseem,1,iftikhar-raghib,1,imam-azam,1,imran-aami,1,imran-badayuni,6,imtiyaz-sagar,1,insha-allah-khaan-insha,1,interview,1,iqbal-ashhar,1,iqbal-azeem,2,iqbal-bashar,1,iqbal-sajid,1,iqra-afiya,1,irfan-ahmad-mir,1,irfan-siddiqi,1,irtaza-nishat,1,ishq,170,ishrat-afreen,1,ismail-merathi,2,ismat-chughtai,2,izhar,7,jagan-nath-azad,5,jaishankar-prasad,6,jalan,1,jaleel-manikpuri,1,jameel-malik,2,jameel-usman,1,jamiluddin-aali,5,jamuna-prasad-rahi,1,jan-nisar-akhtar,11,janan-malik,1,jauhar-rahmani,1,jaun-elia,14,javed-akhtar,18,jawahar-choudhary,1,jazib-afaqi,2,jazib-qureshi,2,jigar-moradabadi,10,johar-rana,1,josh-malihabadi,7,julius-naheef-dehlvi,1,jung,9,k-k-mayank,2,kabir,1,kafeel-aazar-amrohvi,1,kaif-ahmed-siddiqui,1,kaif-bhopali,6,kaifi-azmi,10,kaifi-wajdaani,1,kaka-hathrasi,1,kalidas,1,kalim-ajiz,1,kamala-das,1,kamlesh-bhatt-kamal,1,kamlesh-sanjida,1,kamleshwar,1,kanhaiya-lal-kapoor,1,kanval-dibaivi,1,kashif-indori,1,kausar-siddiqi,1,kavi-kulwant-singh,2,kavita,247,kavita-rawat,1,kedarnath-agrawal,4,kedarnath-singh,1,khalid-mahboob,1,khalida-uzma,1,khalil-dhantejvi,1,khat-letters,10,khawar-rizvi,2,khazanchand-waseem,1,khudeja-khan,1,khumar-barabankvi,4,khurram-tahir,1,khurshid-rizvi,1,khwab,1,khwaja-meer-dard,4,kishwar-naheed,2,kitab,22,krishan-chandar,1,krishankumar-chaman,1,krishn-bihari-noor,11,krishna,9,krishna-kumar-naaz,5,krishna-murari-pahariya,1,kuldeep-salil,2,kumar-pashi,1,kumar-vishwas,2,kunwar-bechain,9,kunwar-narayan,5,lala-madhav-ram-jauhar,1,lata-pant,1,lavkush-yadav-azal,3,leeladhar-mandloi,1,liaqat-jafri,1,lori,2,lovelesh-dutt,1,maa,27,madan-mohan-danish,2,madhav-awana,1,madhavikutty,1,madhavrao-sapre,1,madhuri-kaushik,1,madhusudan-choube,1,mahadevi-verma,4,mahaveer-prasad-dwivedi,1,mahaveer-uttranchali,8,mahboob-khiza,1,mahendra-matiyani,1,mahesh-chandra-gupt-khalish,2,mahmood-zaki,1,mahwar-noori,1,maikash-amrohavi,1,mail-akhtar,1,maithilisharan-gupt,3,majdoor,13,majnoon-gorakhpuri,1,majrooh-sultanpuri,5,makhanlal-chaturvedi,3,makhdoom-moiuddin,7,makhmoor-saeedi,1,mangal-naseem,1,manglesh-dabral,4,manish-verma,3,mannan-qadeer-mannan,1,mannu-bhandari,1,manoj-ehsas,1,manoj-sharma,1,manzar-bhopali,1,manzoor-hashmi,2,manzoor-nadeem,1,maroof-alam,23,masooda-hayat,2,masoom-khizrabadi,1,matlabi,4,mazhar-imam,2,meena-kumari,14,meer-anees,1,meer-taqi-meer,10,meeraji,1,mehr-lal-soni-zia-fatehabadi,5,meraj-faizabadi,3,milan-saheb,2,mirza-ghalib,59,mirza-muhmmad-rafi-souda,1,mirza-salaamat-ali-dabeer,1,mithilesh-baria,1,miyan-dad-khan-sayyah,1,mohammad-ali-jauhar,1,mohammad-alvi,6,mohammad-deen-taseer,3,mohammad-khan-sajid,1,mohan-rakesh,1,mohit-negi-muntazir,3,mohsin-bhopali,1,mohsin-kakorvi,1,mohsin-naqwi,2,moin-ahsan-jazbi,4,momin-khan-momin,4,motivational,12,mout,5,mrityunjay,1,mubarik-siddiqi,1,muhammad-asif-ali,1,muktak,1,mumtaz-hasan,3,mumtaz-rashid,1,munawwar-rana,29,munikesh-soni,2,munir-anwar,1,munir-niazi,5,munshi-premchand,34,murlidhar-shad,1,mushfiq-khwaza,1,mushtaq-sadaf,2,mustafa-akbar,1,mustafa-zaidi,2,mustaq-ahmad-yusufi,1,muzaffar-hanfi,26,muzaffar-warsi,2,naat,1,nadeem-gullani,1,naiyar-imam-siddiqui,1,nand-chaturvedi,1,naqaab,2,narayan-lal-parmar,4,narendra-kumar-sonkaran,3,naresh-chandrakar,1,naresh-saxena,4,naseem-ajmeri,1,naseem-azizi,1,naseem-nikhat,1,naseer-turabi,1,nasir-kazmi,8,naubahar-sabir,2,naukari,1,navin-c-chaturvedi,1,navin-mathur-pancholi,1,nazeer-akbarabadi,16,nazeer-baaqri,1,nazeer-banarasi,6,nazim-naqvi,1,nazm,194,nazm-subhash,3,neeraj-ahuja,1,neeraj-goswami,2,new-year,21,nida-fazli,34,nirankar-dev-sewak,2,nirmal-verma,3,nirmala,23,nirmla-garg,1,nizam-fatehpuri,26,nomaan-shauque,4,nooh-aalam,2,nooh-narvi,2,noon-meem-rashid,2,noor-bijnauri,1,noor-indori,1,noor-mohd-noor,1,noor-muneeri,1,noshi-gilani,1,noushad-lakhnavi,1,nusrat-karlovi,1,obaidullah-aleem,5,omprakash-valmiki,1,omprakash-yati,11,pandit-dhirendra-tripathi,1,pandit-harichand-akhtar,3,parasnath-bulchandani,1,parveen-fana-saiyyad,1,parveen-shakir,12,parvez-muzaffar,6,parvez-waris,3,pash,8,patang,13,pawan-dixit,1,payaam-saeedi,1,perwaiz-shaharyar,2,phanishwarnath-renu,2,poonam-kausar,1,prabhudayal-shrivastava,1,pradeep-kumar-singh,1,pradeep-tiwari,1,prakhar-malviya-kanha,2,prasun-joshi,1,pratap-somvanshi,7,pratibha-nath,1,prayag-shukl,3,prem-lal-shifa-dehlvi,1,prem-sagar,1,purshottam-abbi-azar,2,pushyamitra-upadhyay,1,qaisar-ul-jafri,3,qamar-ejaz,2,qamar-jalalabadi,3,qamar-moradabadi,1,qateel-shifai,8,quli-qutub-shah,1,quotes,2,raaz-allahabadi,1,rabindranath-tagore,3,rachna-nirmal,3,raghuvir-sahay,4,rahat-indori,31,rahbar-pratapgarhi,6,rahi-masoom-raza,6,rais-amrohvi,2,rajeev-kumar,1,rajendra-krishan,1,rajendra-nath-rehbar,1,rajesh-joshi,1,rajesh-reddy,7,rajmangal,1,rakesh-rahi,1,rakhi,6,ram,38,ram-meshram,1,ram-prakash-bekhud,1,rama-singh,1,ramapati-shukla,4,ramchandra-shukl,1,ramcharan-raag,2,ramdhari-singh-dinkar,9,ramesh-chandra-shah,1,ramesh-dev-singhmaar,1,ramesh-kaushik,2,ramesh-siddharth,1,ramesh-tailang,2,ramesh-thanvi,1,ramkrishna-muztar,1,ramkumar-krishak,3,ramnaresh-tripathi,1,ranjan-zaidi,2,ranjeet-bhattachary,2,rasaa-sarhadi,1,rashid-kaisrani,1,rauf-raza,4,ravinder-soni-ravi,1,rawan,4,rayees-figaar,1,raza-amrohvi,1,razique-ansari,13,rehman-musawwir,1,rekhta-pataulvi,7,republic-day,2,review,12,rishta,4,rounak-rashid-khan,2,roushan-naginvi,1,rukhsana-siddiqui,2,saadat-hasan-manto,9,saadat-yaar-khan-rangeen,1,saaz-jabalpuri,1,saba-bilgrami,1,saba-sikri,1,sabhamohan-awadhiya-swarn-sahodar,2,sabihuddin-shoaiby,1,sabir-indoree,1,sachin-shashvat,2,sadanand-shahi,3,saeed-kais,2,safar,1,safdar-hashmi,5,safir-balgarami,1,saghar-khayyami,1,saghar-nizami,2,sahir-hoshiyarpuri,1,sahir-ludhianvi,20,sajid-hashmi,1,sajid-premi,1,sajjad-zaheer,1,salahuddin-ayyub,1,salam-machhli-shahri,2,saleem-kausar,1,salman-akhtar,4,samar-pradeep,6,sameena-raja,2,sandeep-thakur,3,sanjay-dani-kansal,1,sanjay-grover,3,sansmaran,9,saqi-faruqi,2,sara-shagufta,5,saraswati-kumar-deepak,2,saraswati-saran-kaif,2,sardaar-anjum,2,sardar-aasif,1,sardi,3,sarfaraz-betiyavi,1,sarshar-siddiqui,1,sarveshwar-dayal-saxena,11,satire,18,satish-shukla-raqeeb,1,satlaj-rahat,3,satpal-khyal,1,seema-fareedi,1,seemab-akbarabadi,2,seemab-sultanpuri,1,shabeena-adeeb,2,shad-azimabadi,2,shad-siddiqi,1,shafique-raipuri,1,shaharyar,21,shahid-anjum,2,shahid-jamal,2,shahid-kabir,3,shahid-kamal,1,shahid-mirza-shahid,1,shahid-shaidai,1,shahida-hasan,2,shahram-sarmadi,1,shahrukh-abeer,1,shaida-baghonavi,2,shaikh-ibrahim-zouq,2,shail-chaturvedi,1,shailendra,4,shakeb-jalali,3,shakeel-azmi,7,shakeel-badayuni,6,shakeel-jamali,5,shakeel-prem,1,shakuntala-sarupariya,2,shakuntala-sirothia,2,shamim-farhat,1,shamim-farooqui,1,shams-deobandi,1,shams-ramzi,1,shamsher-bahadur-singh,5,shanti-agrawal,1,sharab,5,sharad-joshi,5,shariq-kaifi,5,shaukat-pardesi,1,sheen-kaaf-nizam,1,shekhar-astitwa,1,sher-collection,13,sheri-bhopali,2,sherjang-garg,2,sherlock-holmes,1,shiv-sharan-bandhu,2,shivmangal-singh-suman,6,shivprasad-joshi,1,shola-aligarhi,1,short-story,16,shridhar-pathak,3,shrikant-verma,1,shriprasad,5,shuja-khawar,1,shyam-biswani,1,sihasan-battisi,5,sitaram-gupta,1,sitvat-rasool,1,siyaasat,10,sohan-lal-dwivedi,3,story,54,subhadra-kumari-chouhan,9,subhash-pathak-ziya,1,sudarshan-faakir,3,sufi,1,sufiya-khanam,1,suhaib-ahmad-farooqui,1,suhail-azad,1,suhail-azimabadi,1,sultan-ahmed,1,sultan-akhtar,1,sumitra-kumari-sinha,1,sumitranandan-pant,2,surajpal-chouhan,2,surendra-chaturvedi,1,suryabhanu-gupt,2,suryakant-tripathi-nirala,6,sushil-sharma,1,swapnil-tiwari-atish,2,syed-altaf-hussain-faryad,1,syeda-farhat,2,taaj-bhopali,1,tahir-faraz,3,tahzeeb-hafi,2,taj-mahal,2,talib-chakwali,1,tanhai,1,teachers-day,4,tilok-chand-mehroom,1,topic-shayari,35,toran-devi-lali,1,trilok-singh-thakurela,5,triveni,7,tufail-chaturvedi,3,umair-manzar,1,umair-najmi,1,upanyas,91,urdu,9,vasant,9,vigyan-vrat,1,vijendra-sharma,1,vikas-sharma-raaz,1,vilas-pandit,1,vinay-mishr,3,viral-desai,2,viren-dangwal,2,virendra-khare-akela,9,vishnu-nagar,2,vishnu-prabhakar,5,vivek-arora,1,vk-hubab,1,vote,1,wada,13,wafa,20,wajida-tabssum,1,wali-aasi,2,wamiq-jaunpuri,4,waseem-akram,1,waseem-barelvi,11,wasi-shah,1,wazeer-agha,2,women,16,yagana-changezi,3,yashpal,3,yashu-jaan,2,yogesh-chhibber,1,yogesh-gupt,1,zafar-ali-khan,1,zafar-gorakhpuri,5,zafar-kamali,1,zaheer-qureshi,2,zahir-abbas,1,zahir-ali-siddiqui,5,zahoor-nazar,1,zaidi-jaffar-raza,1,zameer-jafri,4,zaqi-tariq,1,zarina-sani,2,zehra-nigah,1,zia-ur-rehman-jafri,75,zubair-qaisar,1,zubair-rizvi,1,
ltr
item
जखीरा, साहित्य संग्रह: धूप पर शायरी
धूप पर शायरी
धूप पर शायरी अपनी उदास धूप तो घर-घर चली गयी ये रोशनी लक़ीर के बाहर चली गयी - बशीर बद्र अपनी क़िस्मत में लिखी थी धूप की नाराज़गी साया-ए-दीवार था लेकिन
https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhWmQXmL1bYn3ckz6hd2eEd-aOXGhhSYX1wJRF4IVEcg6Z9o7iAfY63w1uo8mwhIdKguPK6CpJv592L98qCVm1-K2RarBodkKciItCRz0eewR_3oUnKdYKhWzWDPz_9hH96Sw0FRmDHzt8lPpv00X63S1k1cY8LkiDZQFEZVW-9kFBOPQAxKLgzMBJualxY/w640-h334/dhoop%20par%20shayari.jpg
https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhWmQXmL1bYn3ckz6hd2eEd-aOXGhhSYX1wJRF4IVEcg6Z9o7iAfY63w1uo8mwhIdKguPK6CpJv592L98qCVm1-K2RarBodkKciItCRz0eewR_3oUnKdYKhWzWDPz_9hH96Sw0FRmDHzt8lPpv00X63S1k1cY8LkiDZQFEZVW-9kFBOPQAxKLgzMBJualxY/s72-w640-c-h334/dhoop%20par%20shayari.jpg
जखीरा, साहित्य संग्रह
https://www.jakhira.com/2024/06/dhoop-shayari.html
https://www.jakhira.com/
https://www.jakhira.com/
https://www.jakhira.com/2024/06/dhoop-shayari.html
true
7036056563272688970
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Read More Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content