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अपने मरकज़ से अगर दूर निकल जाओगे - अल्लामा इकबाल
अपने मरकज़ से अगर दूर निकल जाओगे - अल्लामा इकबाल

अपने मरकज़ से अगर दूर निकल जाओगे खवाब हो जाओगे अफसानों में ढल जाओगे अपनी मिटटी पे ही चलने का सलीका सीखो संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओग...

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यही वफ़ा का सिला है तो कोई बात नहीं - शकील बदायूंनी
यही वफ़ा का सिला है तो कोई बात नहीं - शकील बदायूंनी

यही वफ़ा का सिला है तो कोई बात नहीं, ये दर्द तूने दिया है तो कोई बात नहीं, किसे मजाल कहे कोई मुझको दीवाना, अगर ये तुमने कहा है तो कोई ब...

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तहलील ( मेरी माँ) अख्तर-उल-ईमान
तहलील ( मेरी माँ) अख्तर-उल-ईमान

तहलील मेरी माँ अब मिट्टी के ढेर के नीचे सोती है उसके जुमले, उसकी बातें , जब वह ज़िंदा थी, कितन...

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इंसानियत तो एक है मजहब अनेक है- मुनिकेश सोनी
इंसानियत तो एक है मजहब अनेक है- मुनिकेश सोनी

इंसानियत तो एक है मजहब अनेक है। ये ज़िन्दगी इसको जीने के मक़सद अनेक है।। ना खाई ठोकरे वो रह गया नाकाम । ठोकरे खाकर सँभलने वाले अनेक हैं।।...

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जब मेरे घर के पास कही भी नगर न था - कुंवर बैचैन
जब मेरे घर के पास कही भी नगर न था - कुंवर बैचैन

जब मेरे घर के पास कही भी नगर न था तो इस तरह राह में लूटने का डर न था जंगल में जंगलो की तरह का ...

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ज़िन्दगी जब तलक तमाम न हो - राज़िक़ अंसारी
ज़िन्दगी जब तलक तमाम न हो - राज़िक़ अंसारी

ज़िन्दगी जब तलक तमाम न हो रास्ते में कहीं क़याम न हो घर में रिश्ते बिखर चुके लेकिन दुश्मनों म...

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दर्दे-दिल हमको बताये तो सही - दरवेश भारती
दर्दे-दिल हमको बताये तो सही - दरवेश भारती

दर्द-ए-दिल हमको बताये तो सही राजदार अपना बनाये तो सही वो भी बढ़ आएंगे फिर चार कदम दो कदम आप उठाए तो सही देखना, कैसे है झुकती दुनिया आ...

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निदा फ़ाज़ली उर्दू शायरी का आफ़ताब
निदा फ़ाज़ली उर्दू शायरी का आफ़ताब

उनकी पूर्ण जीवनी यहाँ पढ़ सकते है Click here निदा फ़ाज़ली शायरी को जानने वालो के लिए ये कोई नया नाम...

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यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल खुशी के साथ -निदा फ़ाज़ली
यूँ तो गुज़र रहा है हर एक पल खुशी के साथ -निदा फ़ाज़ली

जीवन क्या है चलता फिरता एक खिलौना है, दो आँखों में एक से हँसना, एक से रोना है | अपनी मर्ज़ी...

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