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परवीन शाकिर की लोकप्रिय ग़ज़लें (पुस्तक समीक्षा)

परवीन शाकिर की लोकप्रिय ग़ज़लें (पुस्तक समीक्षा) संपादक-डॉ. ज़ियाउर रहमान जाफ़री ~ सूफिया नुसरत परवीन शाकिर पाकिस्तान की लोकप्रिय शायरा रही हैं, लेकिन वह हिंदुस्तान में ही उतनी ही मशहूर हैं | उनका खानदान बिहार का था | देश के बंटवारे से पहले ही उनके …

कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की - परवीन शाकिर

कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की उस ने ख़ुशबू की तरह मेरी पज़ीराई की कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने बात तो सच है मगर बात है रुस्वाई की वो कहीं भी गया लौटा तो मिरे पास आया बस यही बात है अच्छी मिरे हरजाई की …

एक मुश्किल सवाल - परवीन शाकिर

परवीन शाकिर साहिबा की इस नज़्म में जीने के लिए बच्चो की कोशिश और जद्दोजहद को बताया है |" एक मुश्किल सवाल टाट के परदे के पीछे से एक बारह तेरह साला चेहरा झाका वह चेहरा बहार के पहले फूल की तरह ताजा था और आँखे पहली मोहब्बत की तरह शफ्फाक ल…

तू राधा है अपने कृष्ण की - परवीन शाकिर

तू राधा है अपने कृष्ण की तू राधा है अपने कृष्ण की तेरा कोई भी होता नाम मुरली तेरे भीतर बाजती किसी बन करती विराम या कोई सिंहासन बिराजती तुझे खोज ही लेते श्याम जिस संग भी फेरे डालती संजोग में थे घनश्याम क्या मोल तू मन का मांगती बिकना था …

आँख जब आईने से हटाई - परवीन शाकिर

आँख जब आईने से हटाई आँख जब आईने से हटाई श्याम सुन्दर से राधा मिल आई आये सपनो में गोकुल के राजा देने सखियों को आयी बधाई प्रेम-जल खूब गागर में भर लू आज बादल ने माया लुटाई किसको पनघट पे जाने की जिद थी किससे गागर ने विनती कराई ओक से पानी बह…

परिचय - परवीन शाकिर

परिचय - परवीन शाकिर परवीन शाकिर पकिस्तान की नयी उर्दू शायरी में एक अहम् मुकाम रखती है | आपका जन्म 24 नवम्बर, 1952 को शाकिर हुसैन के घर कराची सिंध, पकिस्तान में हुआ | आपकी उस्ताद मोहतरमा इरफान अजीज ने आपको लिखने की सलाह दी थी आप पहले भी पढना पसंद …

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