हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए - बशीर बद्र
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाए कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर मोहब्बत …