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हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए - बशीर बद्र

हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाए कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर मोहब्बत …

उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है - बशीर बद्र

उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है परिंदा शाम के पुल पर बहुत ख़ामोश बैठा है मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है तुम्हारे शहर के सारे दिए तो सो गए कब …

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली - बशीर बद्र

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली भूल शायद बहुत बड़ी कर ली दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली तुम मुहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली उस ने देखा बड़ी इनायत से आँखों-आँखों में बात भी कर ली आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है बेवफ़ाई कभी कभी कर ली …

सुब्ह का झरना हमेशा हँसने वाली औरतें - बशीर बद्र

सुब्ह का झरना हमेशा हँसने वाली औरतें सुब्ह का झरना हमेशा हँसने वाली औरतें झुटपुटे की नद्दियाँ ख़ामोश गहरी औरतें मो'तदिल कर देती हैं ये सर्द मौसम का मिज़ाज बर्फ़ के टीलों पे चढ़ती धूप जैसी औरतें सब्ज़ नारंजी सुनहरी खट्टी मीठी लड़कियाँ भ…

मिरी ग़ज़ल की तरह उसकी भी हुकूमत है - बशीर बद्र

मिरी ग़ज़ल की तरह उसकी भी हुकूमत है मिरी ग़ज़ल की तरह उसकी भी हुकूमत है तमाम मुल्क में वो सबसे खूबसूरत है कभी-कभी कोई इंसान ऐसा लगता है पुराने शहर में जैसे नयी ईमारत है बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम मुझे पता चला वो कितनी खूबसूरत है ये ज़…

चल मुसाफिर बत्तियां जलने लगी - बशीर बद्र

चल मुसाफिर बत्तियां जलने लगी चल मुसाफिर बत्तियां जलने लगी आसमानी घंटिया बजने लगी दिन के सारे कपडे ढीले हो गए रात की सब चोलिया कसने लगी डूब जाएँगे, सभी दरिया, पहाड चांदनी की नदिया चढने लगी जामुनो के बाग पर छाई घटा ऊदी-ऊदी लड़किया हसने लगी…

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