Showing posts from January, 2018

नहीं मुमकिन मिलन अब दोस्तो से - महावीर उत्तरांचली

नहीं मुमकिन मिलन अब दोस्तो से नहीं मुमकिन मिलन अब दोस्तो से मुहब्बत में बशर तनहा हुआ है करूँ क्या ज़िक्र मैं ख़ामोशियों का यहाँ तो वक़्त भी थम-सा गया है भले ही खूबसूरत है हक़ीक़त तसव्वुर का नशा लेकिन जुदा है अभी तक दूरियाँ हैं बीच अपने भल…

माँ के घर जब सभी बेटियाँ आ गईं - डॉ. जियाउर रहमान जाफरी

माँ के घर जब सभी बेटियाँ आ गईं फूल खुशबू चमक तितलियां आ गईं माँ के घर जब सभी बेटियाँ आ गईं जा के अंदाज़ ताकत का फिर लग गया जब बगावत में सब लड़कियां आ गईं मुझको उस पार जाना कठिन जब लगा फिर दुआ माँ ने की कश्तियाँ आ गईं ज़िंदगी का मज़ा फिर तो जा…

मोहम्मद अली जौहर परिचय

मोहम्मद अली जौहर परिचय मोहम्मद अली जौहर की पैदाइश 1878 में हुई थी । उनका ख़ानदान बिजनौर का था लेकिन ग़दर के बाद मुरादाबाद आ बसे थे। जब दो.साल के थे वालिद साहब का इंतकाल हो गया बचपन मे ही यतीमी के दर्द को बर्दाश्त करना पड़ा। बी अम्मा ने जिस हिम्म…

ऐ नए साल बता, तुझमें नयापन क्या है - फ़ैज़ लुधियानवी

ऐ नए साल बता, तुझमें नयापन क्या है ऐ नए साल बता, तुझमें नयापन क्या है हर तरफ़ ख़ल्क़ ने क्यूँ शोर मचा रक्खा है रौशनी दिन की वही, तारों भरी रात वही आज हम को नज़र आती है हर इक बात वही आसमाँ बदला है, अफ़सोस, ना बदली है ज़मीं एक हिंदसे का बदलना को…

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