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kinare ko bhi hamse kinara chahiye

किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए,
साथ कहाँ अब उसको हमारा चाहिए।

कश्ती में तुम्हारी ख्वाहिशें आती नहीं,
तुम्हें किसी सफ़ीने का सहारा चाहिए।

उसके फरेब में भी कितनी लज़्ज़त थी,
यार वो धोखा हमको दोबारा चाहिए।

ये सोचकर भी मैंने उसको जाने दिया,
भला इब्तदा में किसको ख़सारा चाहिए।

सवाल तुमने मेरी अना पर उठाया है,
सो जबाब भी तुमको करारा चाहिए।

वो मेरी आँखों की मज़मून पढ़ता था,
आज उसे हर बात पे इशारा चाहिए।

इन पुराने ग़मों से जिंदगी कटती नहीं,
दर्द मुझे अब कोई कुंवारा चाहिए।

किरदार मर गया लेकिन अफ़साना जारी है,
उसकी ख्वाहिश थी अंजाम मुझे प्यारा चाहिए। - चिन्मय शर्मा


परिचय
चिन्मय जी पेशे से शिक्षक है और अज़ीम प्रेमजी स्कूल, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) में पढाते है |
आपसे chinmaysharma95@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है

Roman

kinare ko bhi hamse kinara chahiye,
sath kaha ab usko hamara chahiye

kashti me tumhari khwahishe aati nahi,
tumhe kisi safine ka sahara chahiye

uske fareb me bhi kitni lajjat thi,
yaar wo dhokha hamko dobara chahiye

ye sochakar bhi maine usko jane diya,
bhala ibtida me kisko khasara chahiye

sawal tumne meri ana par uthaya hai,
so jawab bhi tumko karara chahiye

wo meri aankho ki majmun padhta tha,
aaj use har baat pe ishara chahiye

in purane ghamo se zindgi katti nahi,
dard mujhe ab koi kunwara chahiye

kirdaar mar gaya lekin afsana jari hai,
uski khawahish thi anzam mujhe pyara chahiye - Chinmay Sharma
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  1. ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 17/03/2019 की बुलेटिन, " होली का टोटका - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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